सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर (Sawai Madhopur) जिले के कैलाशपुरी, दूमोदा और मौजीपुरा गांवों में इन दिनों डर का माहौल है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से आया चीता (Cheetah) (KP-2) रणथंभौर टाइगर रिजर्व (Ranthambore National Park) के आसपास लगातार घूम रहा है। शाम होते ही गांवों में सन्नाटा छा जाता है। करीब 5 हजार की आबादी वाले इन गांवों के लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।

बच्चों की पढ़ाई ठप, महिलाएं घरों में कैद:
चीते (Cheetah KP-2) के डर से बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। परिजन उन्हें अकेले बाहर भेजने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। महिलाएं भी घर से बाहर निकलने से डर रही हैं। गांव के पुरुष अब खेतों तक भी समूह में जा रहे हैं।
खेत सूने, फसलें सूखने लगीं:
ग्रामीण दिलकुश गुर्जर ने बताया कि खेतों में निराई-गुड़ाई और सिंचाई का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। भरत लाल गुर्जर के मुताबिक सिंचाई रुकने से फसलें सूखने लगी हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
20 दिनों में 150 किलोमीटर तक घूम चुका चीता:
14 अप्रैल को पहली बार अजीतपुरा गांव में चीते की लोकेशन मिली थी। इसके बाद से वह कई गांवों और रणथंभौर (Ranthambore) के अलग-अलग जोन में देखा जा चुका है। अब तक वह करीब 150 किलोमीटर का सफर तय कर चुका है।
रात में करता है मूवमेंट:
वन विभाग (Forest Department Rajasthan) के अनुसार चीता शाम 7 बजे से रात 11 बजे के बीच ज्यादा सक्रिय रहता है। रणथंभौर डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि चार सदस्यीय टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है, ताकि आबादी वाले इलाकों में किसी तरह की घटना न हो।
रणथंभौर का इलाका चीते को आ रहा पसंद:
अधिकारियों का कहना है कि रणथंभौर का घास के मैदान, झाड़ियां और पठारी इलाका चीतों के लिए अनुकूल है। यही वजह है कि चीता लगातार इस क्षेत्र में मूवमेंट कर रहा है।
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