जयपुर: जयपुर (Jaipur) के विद्याधर नगर क्षेत्र में संचालित एक फ*र्जी कॉल सेंटर (Call Center) का पुलिस (Rajasthan Police) ने भंडाफोड़ करते हुए महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी (USDT) में निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठ*गी करने का आरोप है। पुलिस (Police) के अनुसार आरोपी निवेश की रकम महज 70 दिनों में दोगुनी करने का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट (Jaipur Police Commissionerate) की स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए सीकर (Sikar) जिले के लापवा निवासी राजेंद्र बाजिया, झुंझुनूं (Jhunjhunu) जिले के ओजटू निवासी संजय स्वामी और सीकर जिले के लाडपुरा निवासी रेणुका गढ़वाल को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी फिलहाल जयपुर (Jaipur) में किराए के मकानों में रह रहे थे और वहीं से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
फ*र्जी स्कीमों में निवेश कराते थे आरोपी:
पुलिस (Police) जांच में सामने आया है कि आरोपी HLX, JUPITER, AiPF और Value City जैसे नामों से कथित निवेश योजनाएं चलाते थे। इन योजनाओं में लोगों को कम समय में भारी मुनाफे का झां*सा देकर निवेश कराया जाता था। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की योजना बड़ी संख्या में निवेशकों से रकम जुटाने के बाद कॉल सेंटर बंद कर फरार होने की थी।
पुख्ता सूचना के बाद हुई कार्रवाई:
जयपुर स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि साइबर अपराधों पर निगरानी के दौरान पुलिस को विद्याधर नगर क्षेत्र में संचालित एक संदिग्ध कॉल सेंटर की जानकारी मिली थी। जांच में पता चला कि यहां से क्रिप्टो निवेश के नाम पर लोगों को ठ*गा जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने छापा मा*रकर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
50 से अधिक लोगों के साथ ठगी की आशंका:
प्रारंभिक जांच में 50 से अधिक लोगों के साथ ठ*गी की बात सामने आई है। हालांकि आरोपियों ने कुल कितनी रकम की ठ*गी की है और किन-किन राज्यों के लोगों को निशाना बनाया गया है, इसकी जांच जारी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर बैंक खातों (Bank Accounts) और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।
नकली प्लेटफॉर्म पर दिखाते थे फ*र्जी मुनाफा:
पुलिस के अनुसार आरोपी ब्लॉकचेन तकनीक का नाम लेकर लोगों को भ्रमित करते थे। वे मीम कॉइन बनाकर उसका कृत्रिम मूल्य निर्धारित करते और उसे असली डिजिटल करेंसी बताकर निवेश कराते थे। निवेशकों से रकम लेने के बाद उन्हें यूएसडीटी दिए जाते, जिन्हें बाद में उनके द्वारा तैयार किए गए फ*र्जी प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करवा लिया जाता था। प्लेटफॉर्म पर नकली मुनाफा दिखाकर लोगों को और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
बेरोजगार युवाओं को भी बनाते थे हिस्सा:
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी बेरोजगार युवाओं को रोजगार और बिजनेस का झां*सा देकर कॉल सेंटर में काम पर रखते थे। कर्मचारियों को प्रतिदिन लोगों को कॉल करने और नए निवेशक जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील:
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। कम समय में दोगुना या अत्यधिक मुनाफा देने वाले दावों से सावधान रहें। साइबर ठ*गी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
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