पुणे: पुणे (Pune) के युवा व्यापारी केतन अग्रवाल (Ketan Agrawal) की संदिग्ध मौ*त के मामले में जांच के दौरान बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस (Pune Police) के अनुसार, मामले में गिरफ्तार केतन की मंगेतर सिया गोयल (Siya Goyal) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (Chetan Chaudhary) ने पूछताछ के दौरान ह*त्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। दोनों फिलहाल पुलिस (Police) हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

मामले की जांच कर रहे लोनावाला ग्रामीण पुलिस स्टेशन (lonavala Police Station) के प्रभारी अधिकारी दिनेश तायड़े ने बताया कि शुरुआती जांच से ही पुलिस को संदेह था कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश हो सकती है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और दोनों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की गई।
दुर्घटना का रूप देने की थी कथित कोशिश:
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले (Lohagarh Fort) के क्षेत्र में लेकर गई थी, जहां कथित तौर पर चेतन चौधरी पहले से मौजूद था। जांच में सामने आया है कि घटना के बाद इसे दुर्घटना साबित करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि केतन के खाई में गिरने की कहानी गढ़कर मामले को हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी।
हालांकि पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों और पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर जांच की दिशा बदल गई। अधिकारियों का कहना है कि कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनकी पुष्टि की जा रही है।
पुलिस के सामने कई सवाल:
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यदि सिया इस रिश्ते (Relationships) से संतुष्ट नहीं थी तो उसने सगाई के लिए सहमति क्यों दी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कथित साजिश कब और कैसे बनाई गई तथा इसके पीछे की वास्तविक वजह क्या थी।
केतन के परिजनों का कहना है कि घटना वाले दिन सिया के कहने पर ही केतन लोहागढ़ किले तक गया था। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
6 महीने में 2004 कॉल, जांच में सामने आए सिया और चेतन की बातचीत से जुड़े अहम तथ्य:
केतन अग्रवाल की मौ*त के मामले की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच के दौरान सामने आए कॉल रिकॉर्ड्स ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच पिछले छह महीनों में 2004 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इन कॉल्स की कुल अवधि करीब 238 घंटे बताई जा रही है।
पुलिस अब इन बातचीतों और डिजिटल सबूतों के आधार पर दोनों आरोपियों के बीच संबंधों तथा कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मामले की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट कर सकती है पुलिस:
मामले की जांच को और मजबूत करने के लिए पुलिस जल्द ही घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन कर सकती है। इसके लिए दोनों आरोपियों को लोहागढ़ किले के पास उस स्थान पर ले जाया जा सकता है, जहां घटना हुई थी। पुलिस का मानना है कि इससे घटनाक्रम को समझने और साक्ष्य जुटाने में मदद मिलेगी।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
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