जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आज 13 अगस्त 2026 को हुई राजस्थान मंत्रिमंडल (Rajasthan Cabinet) की बैठक में पर्यावरण (Environment), समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code), ग्रामीण जलापूर्ति (Rural Water Supply), सैनिक कल्याण और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने ‘द राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026, और ‘राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड बिल-2026’ के प्रारूप को मंजूरी दी है। दोनों विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाएंगे।

खेजड़ी समेत 29 प्रजातियों के संरक्षण के लिए बनेगा कानून:
कैबिनेट (Cabinet) ने राज्य में पेड़ों की अ_वैध कटाई (Tree Cutting) रोकने और जैव विविधता के संरक्षण के लिए राजस्थान ट्रीज (प्रोटेक्शन) बिल-2026 (Rajasthan Trees Protection Bill) को मंजूरी दी है। इसमें राज्य वृक्ष खेजड़ी (Khejri), राज्य पुष्प रोहिड़ा, बरगद, पीपल, लसोड़ा, तेंदू, महुआ, कैर और चिरोंजी सहित कुल 29 महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन का प्रावधान है।
गैर वन भूमि पर बिना अनुमति पेड़ काटने पर एक साल तक की जेल या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। अनुमति लेकर पेड़ काटने की स्थिति में निर्धारित संख्या में नए पौधे लगाना भी जरूरी होगा।
राजस्थान में UCC बिल को कैबिनेट की मंजूरी:
मंत्रिमंडल ने राजस्थान यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) बिल-2026 (Uniform Civil Code Bill 2026) के प्रारूप को भी मंजूरी दी है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों को एक समान और व्यवस्थित करने का प्रावधान है।
प्रस्तावित UCC के तहत सभी विवाहों का 60 दिनों के भीतर पंजीकरण अनिवार्य होगा और बहुविवाह पर रोक का प्रावधान किया गया है। हालांकि विवाह की धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने की स्वतंत्रता बनी रहेगी। अनुसूचित जनजातियों और संविधान के तहत संरक्षित पारंपरिक अधिकारों वाले वर्गों पर ये प्रावधान लागू नहीं होंगे।
लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी पंजीकरण का प्रावधान:
प्रस्तावित कानून में लिव-इन रिलेशनशिप (Live in Relationship) की शुरुआत और समाप्ति की लिखित सूचना या पंजीकरण का प्रावधान रखा गया है। विवाह या तलाक के पंजीकरण पर रजिस्ट्रार को 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी करना होगा या आवेदन खारिज करने का कारण बताना होगा।
पंजीकरण नहीं कराने पर 10 हजार रुपये तक, जबकि नोटिस के बाद भी अनुपालन नहीं करने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
उत्तराधिकार के मामले में पुत्र और पुत्री को समान अधिकार देने का प्रावधान है। बिना वसीयत मृ_त्यु होने पर संपत्ति के हस्तांतरण के लिए प्राथमिकता के आधार पर उत्तराधिकारियों की श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए नई संचालन नीति:
कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल (Nal Se Jal) की नियमित और टिकाऊ आपूर्ति के लिए संचालन एवं संधारण नीति को मंजूरी दी है। इसमें जल जीवन मिशन 2.0 के प्रावधानों को शामिल किया गया है।
ग्राम पंचायत, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति, क्लस्टर समिति, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर जलापूर्ति योजनाओं की निगरानी और संचालन का ढांचा तैयार किया जाएगा।
1971 युद्ध के 35 शहीद परिवारों को मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का लाभ:
कैबिनेट ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध (India Pakistan War) के दौरान घायल होने के बाद बाद में शहीद हुए 35 सैनिकों के परिवारों को भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने का फैसला किया है। इसके लिए संबंधित सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
अब योजना के लिए निर्धारित समय सीमा 31 दिसंबर 1971 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 1972 कर दी गई है।
सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में 2 साल की अनुभव छूट:
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव में 2 साल की सशर्त छूट देने का फैसला किया है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जिन्हें 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में यह सुविधा नहीं मिली थी।
इसके अलावा दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का नोशनल बेनेफिट 30 जून 2016 से देने के लिए राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार नियमों (Rajasthan Rights of Persons with Disabilities Rules) में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
मृ_त सरकारी कर्मचारी की पुत्रवधू भी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र
कैबिनेट ने मृ_त सरकारी कर्मचारियों के पात्र आश्रितों की सूची में पुत्रवधू को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। इससे पात्र पुत्रवधू को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी।
वहीं, प्रशिक्षण के दौरान पद छोड़ने वाले कार्मिकों से केवल प्रशिक्षण खर्च की वसूली का प्रावधान किया गया है। नई सरकारी नियुक्ति के कारण पद छोड़ने पर प्रशिक्षण के दौरान मिले वेतन-भत्तों और प्रशिक्षण खर्च की वसूली नहीं होगी।
एकल महिला कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव अब एक कैलेंडर वर्ष में 3 की जगह 6 चरणों में लेने की सुविधा होगी। सरोगेसी के मामलों में सरोगेट मदर को 180 दिन और कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश देने का भी प्रावधान किया गया है।
TAD विभाग में 470 वार्डन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ:
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (Tribal Area Development Department) के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में वार्डन भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। नियमों में संशोधन के बाद कुल 470 छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-2 पद, जिनमें महिला ग्रेड-2 के 254 पद शामिल हैं, समान पात्रता परीक्षा के माध्यम से भरे जा सकेंगे।
इसके अलावा वन विभाग (Forest Department) में वनरक्षक से सहायक वनपाल और सहायक वनपाल से वनपाल पद पर पदोन्नति का रास्ता भी नियमों में संशोधन के बाद साफ होगा।
उद्योग और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन:
कैबिनेट ने जैसलमेर (Jaisalmer) के पारेवर में अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (UltraTech Cement) को करीब 306 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी है। साथ ही बीकानेर (Bikaner), जैसलमेर और बाड़मेर (Barmer) में सौर ऊर्जा (Solar Energy) तथा सोलर-विंड हाइब्रिड परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई।
जैसलमेर के चिन्नू गांव में एस्केप जलाशय निर्माण से प्रभावित 21 गैर-खातेदार काश्तकारों को उसी गांव में भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान का रास्ता खुलेगा।
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