जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन ने आज शुक्रवार को सभी एसडीएम, तहसीलदार और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेकर कोविड-19 टीकाकरण और सैम्पलिंग की संख्या बढ़ाने तथा बिना मास्क घर से बाहर निकलने वालों पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर ने बताया कि गत 2 माह तक कोरोना संक्रमण में लगातार कमी आने के बाद अब यह पुनः लौट रहा है। देश के कुछ शहरों में लाॅकडाउन लग चुका है। देश में गत सप्ताह कोरोना पाॅजिटिव की संख्या 39 प्रतिशत बढ़ी है जो नवम्बर के बाद सर्वाधिक है। ऐसी स्थितियाॅं जिले में, राज्य में न बने, इसके लिये पूर्ण अलर्ट रहने की जरूरत है। कलेक्टर ने बताया कि पैनिक न होने दें लेकिन लापरवाह भी न होने दें। संक्रमण बढ़ने का मुख्य कारण मास्क लगाने, भीड़-भाड़ न करने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने जैसे आसान प्रावधानों के प्रति बेरूखी है। बचाव के उपायों को अनिवार्य रूप से अपनाने के साथ ही अधिक से अधिक लोगों को कोविड का टीका लगाकर इस महामारी के संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिये जिले में व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरूवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वीसी में निर्देश दिये हैं कि चिकित्सक अपने पुराने अनुभव के आधार पर महामारी के नियंत्रण के लिए उपलब्ध संसाधनों को उपयोग में लें। अधिक टेस्टिंग, भीड़ पर नियंत्रण, मास्क पहनने, बार-बार हाथ धोने और सामाजिक दूरी के कोरोना से बचाव के नियमों की पालना में फिर से कड़ाई लायी जाये। सम्बंधित अधिकारी इन निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित कर आमजन के जीवन की रक्षा करें। राज्य में एक सप्ताह में ही कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर का 3 गुना बढ़ जाना बेहद चिंताजनक है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में जिले में संक्रमण की किसी भी गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए ऑक्सीजन प्लांट, टेस्टिंग लैब, क्वारेंटाइन सेंटर और कन्टेमेन्ट जोन जैसी सुविधाओं को दुरूस्त करें और आवश्यकतानुसार उपयोग के लिए तैयार रखें।

कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदार को निर्देश दिये कि एक दो दिन तो लोगों को कोरोना एडवाईजरी एवं एसओपी की पालना के लिए समझाईश करें। इसके बाद फिर भी कोई भी व्यक्ति लापरवाही बरते, शादी समारोह व अन्य आयोजन में प्रोटोकाॅल का उल्लंघन करे तो कड़ी कार्यवाही करें। 2 दिन तक विशेष समझाइश अभियान चलायें। साथ ही मास्क वितरण, माइक और लाउडस्पीकर से जागरूकता कार्यक्रम को भी जारी रखें। एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और स्थानीय निकाय के अधिकारी मास्क नहीं पहनने तथा बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक जगहों पर भीड़-भाड़ की स्थिति उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। शहर में होने वाले प्रत्येक विवाह आयोजन पर नजर रखें। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड्स पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की 5 टीमें कार्य कर रही है जो निरन्तर आरटीपीसीआर टैस्ट के लिये सैम्पल ले रही हैं। इन्सीडेंट कमांडर पूर्ण सक्रिय रहें, छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। व्यापारियों को पुनः मोबिलाइज करें, उन्हें समझायें कि बिना मास्क वाले ग्राहक को सामान, सेवा न दें, भीड़-भाड़ न होने दें, इससे आपकी जान को भी खतरा है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि मोबिलाइजर्स को पूर्ण सक्रिय करें जो लोगों को समझायें कि कोविड-19 का एकमात्र बचाव मास्क लगाने जैसी सावधानी और टीकाकरण है। टीका पूर्ण सुरक्षित है तथा इसका कोई साइड इफैक्ट नहीं है। कलेक्टर ने सैम्पलिंग बढ़ाने तथा संदिग्ध रोगियों को आइसोलेट कर उनका तुरन्त इलाज शुरू करने के भी निर्देश दिये। जाॅंच सुविधाओं का पूर्ण क्षमता से उपयोग करें।
एडीएम डाॅ. सूरज सिंह नेगी ने बताया कि जिले में 61 सरकारी और 2 निजी अस्पतालों में कोविड-19 टीकाकरण चल रहा है। एसडीएम टीकाकरण में तेजी लाने के लिये राजस्व मशीनरी को अधिक सक्रिय करें। टीकाकरण बढ़ने से संक्रमण की चैन तोड़ने में आसानी होगी। जिले में 60 साल से अधिक आयु के लगभग 1 लाख 60 हजार व्यक्ति हैं। इन सभी को दोनों डोज नियमित अंतराल में देना सुनिश्चित करें क्योंकि यह आयु वर्ग के व्यक्ति के संक्रमण का शिकार होने का सबसे अधिक खतरा है। बैठक में एडीएम गंगापुर नवरतन कोली, एडीएम डाॅ. सूरज सिंह नेगी समस्त एसडीएम, तहसीलदार मौजूद थे।
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