चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम मां-एक संकल्प के अंतर्गत 4 दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिले के डिलिवरी पाॅइंट्स की एलएचवी व एएनएम मौजूद रही।
प्रशिक्षण राज्य स्तर से आए प्रशिक्षक जयंत भास्कर ने दिया। उन्होंने सभी को बताया कि जन्म के तुरंत बाद जितनी जल्दी हो सके बच्चे को मां का दूध पिलाया जाना चाहिए और बच्चे के छः माह का होने तक उसे केवल स्तनपान ही करवाया जाना चाहिए। छः माह बाद बच्चे को पूरक आहार दिया जाना चाहिए। स्तनपान कराने से बच्चे और मां दोनो को ही फायदा होता है। सफल स्तनपान के लिए इसकी शुरूआत शीघ्र अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रसव के एक घंटे के अंदर ही शिशु सचेत हो जाता है और प्रतिक्रिया व्यक्त करता है। साथ ही बच्चे को कम से कम दो साल तक स्तनपान अवश्य करवाया जाना चाहिए। प्रशिक्षण में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ महेश महेश्वरी व जिला कार्यक्रम प्रबंधक मौजूद रहे।
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