राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के बौंली ब्लाॅक के 43 बच्चों को चश्मे वितरित किए गए। अब ये सभी बच्चे अपनी आंखों से इस दुनिया को अच्छे से देख सकेंगे, पढ सकेंगे, खेल कूद सकेंगे।
इन बच्चों को जिले के ब्लाॅक की मोबाइल टीम द्वारा चिन्हित किया गया था। इसके बाद करीब एक महीने पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा बच्चों की गहन जांच कर बच्चों की आंखों का इलाज किया गया था साथ ही जिन बच्चों को चश्मा लगाए जाने की आवश्यकता थी उन्हें चिन्हित किया गया था। उन्हीं चिन्हित बच्चों को बुधवार को शिविर में चश्मों का वितरण किया गया। इस अवसर पर आरबीएसके एडीएनओ डाॅ जीशान खान, मोबाइल टीम बी के सभी सदस्य डाॅ. हंसराज मीना, डाॅ. पिंकी मीना, फार्मासिस्ट मनोज मौजूद रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. तेजराम मीना ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। आरबीएसके के नाम से पहचाने जाने वाले इस कार्यक्रम के तहत सवाई माधोपुर जिले में जन्मजात दिल में छेद की बीमारी से ग्रसित, बच्चे कटे होंठ व कटे तालू का व आंख के ऑपरेशन किये जा चुके है। कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 साल की उम तक के बच्चों का उपचार किया जाता है। आरबीएसके कर मोबाइल हेल्थ टीम विभिन्न लगातार स्कूलों, आंगनवाडी केंद्रों व मदरसों में जा कर बच्चों की 38 बीमारियों की स्क्रीनिंग करती है। योजना के अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग करने के पश्चात् चिन्हित बच्चों का इलाज पीएचसी, सीएचसी, जिला लेवल पर किया जाता है। जिन भी बच्चों का इलाज जिला स्तर पर नहीं हो सकता है उन्हें जयपुर स्थित निजि चिकित्सालय में रेफर कर उनका इलाज नि:शुल्क किया जाता है।
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