नई दिल्ली: आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले के संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्दों पर दिए गए बयान को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि आरएसएस का नकाब फिर से उतर गया। उन्होंने कहा कि संविधान इन्हें चुभता है क्योंकि वो समानता, धर्मनिरपेक्षता और न्याय की बात करता है।
आरएसएस-बीजेपी को संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहिए। ये बहुजनों और गरीबों से उनके अधिकार छीनकर उन्हें दोबारा गुलाम बनाना चाहते हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि संविधान जैसा ताकतवर हथि*यार उनसे छीनना इनका असली एजेंडा है। उन्होंने कहा कि आरएसएस ये सपना देखना बंद करे। हम उन्हें कभी सफल नहीं होने देंगे।
हर देशभक्त भारतीय आखिरी दम तक संविधान की रक्षा करेगा। दत्तात्रेय होसबाले ने गुरुवार को कहा था कि समाजवादी’ और धर्मनिरपेक्ष शब्दों को आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में दो शब्द जोड़े गए। ये दो शब्द ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ हैं। ये प्रस्तावना में पहले नहीं थे। होसबाले ने कहा कि इन्हें प्रस्तावना में रहना चाहिए या नहीं, इस पर विचार किया जाना चाहिए।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
