नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने शनिवार को कटिहार जिले के कदवा की एक रैली में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और एसएस संधू को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में ‘वोट चोरी’ कर रहे हैं। उन्हें तीन लोगों का साथ मिल रहा है। ये हैं ज्ञानेश कुमार, विवेक जोशी और एसएस संधू। ये तीनों चुनाव आयोग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। ये अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं। इन्होंने बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए हैं।
क्या इन्हें अपने पदों के पीछे छिपने दिया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि क्या यह ठीक है कि ये रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी बिताएं? क्या लोगों को इन्हें भूल जाना चाहिए? जिन्होंने संविधान और देश से विश्वासघा*त किया है, क्या लोगों को उन्हें भूलना चाहिए या याद रखना चाहिए? आपको इन तीनों के नाम पीएम मोदी और अमित शाह के साथ याद रखने चाहिए।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रजेंटेशन देकर हरियाणा में वोट चोरी का मुद्दा उठाया था। बिहार में दो चरणों के चुनाव में पहले दौर की वोटिंग 6 नवंबर को हो चुकी है। दूसरे दौर की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। परिणाम 14 नवंबर को आएंगे।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
