अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के आदेशों के अनुसार वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य रोगी जिनकी क्रोनिक डिजीज की नियमित दवाएं चलती है, वे कोरोना वायरस के मध्यनजर राजकीय चिकित्सक से परामर्श प्राप्त नहीं कर पा रहे है। अथवा अस्पताल नहीं जा पा रहे है।
जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने बताया कि ऐसे मरीजों को कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए एक फरवरी 2020 या उसके बाद के राजकीय चिकित्सकीय परामर्श (प्रेस्क्रिप्शन) के आधार पर नियमित दवाएं मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के अंतर्गत उपलब्ध करवाई जावे। ऐसे मरीज चिकित्सकीय परामर्श की पर्ची की दवा राज्य के किसी भी अस्पताल/सीएचसी/पीएचसी से प्राप्त कर सकते है।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही राजस्थान राज्य के समस्त केमिस्टों को भी निर्देशित किया गया है कि वे एक फरवरी 2020 के बाद से मरीज के चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर जो दवाएं उन्हें नियमित रूप से दिया जाना आवश्यक हो, उपलब्ध कराई जावें तथा चिकित्सकीय परामर्श पर दवा उपलब्ध करवा दी गई है लिखते हुए अपनी मोहर लगाना सुनिश्चित करें। ये आदेश जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि ये आदेश लॉकडाउन समाप्त होने पर स्वतः निष्प्रभावी हो जाएंगे।
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