सवाई माधोपुर: गत दिनों सवाई माधोपुर शहर में लटिया नाले के प्रवाह में प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर हयात अली एडवोकेट,अब्दुल राशिद खान ओर रमेश की ओर से दावा ओर अंतरिम निषेधाज्ञा की अर्जी न्यायालय सिविल न्यायाधीश सवाई माधोपुर में प्रस्तुत की गई। इस मामले में राजस्थान राज्य जरिए जिला कलेक्टर, अधीक्षण अभियंता राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन सवाई माधोपुर,आयुक्त नगर परिषद सवाई माधोपुर को पक्षकार बनाया गया।
अधिवक्ता अब्दुल हासिब ने बताया की शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाए जाने ओर गंदगी से निजात दिलाने के लिए अधीक्षण अभियंता राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन लिमिटेड सवाई माधोपुर के द्वारा प्राइवेट कंपनी के माध्यम से लटिया नाले पर गोपाल जी के मंदिर के पास स्टेट हाईवे 30 से राजबाग तक दो लेन एलिवेटेड सड़क बनाई जा रही है, इसके निर्माण में संवेदक द्वारा जानबूझकर लापरवाही पूर्वक और उपेक्षापूर्ण कार्य किया जा रहा है।
इनके द्वारा सुरक्षा मापदंडों को पूरी तरह से नजर अंदाज किया जा रहा है। इनके द्वारा नवनिर्मित सड़क बनाने के दौरान पिलर्स के लिए नाले में खुदाई की और खुदाई करने से निकले मलबे को स्वयं के वाहनों के आवागमन और उपयोग के लिए मलबे पर ही अ*वैध रूप से सड़क बना दी, जिससे मौके पर बरसाती लटिया नाला का मौलिक एवं प्राकृतिक स्वरूप विलुप्त होकर खत्म कर दिया है। एलिवेटेड सड़क के पिलर संख्या 72 से 80 के मध्य घुमाव वाले हिस्से पर पूर्व दिशा की ओर राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन सवाई माधोपुर के संवेदक द्वारा की सड़क बना दी गई है।
पश्चिम दिशा की ओर स्थित मदीना मस्जिद की सड़क व सिराज के खेत के यहां पिलर की ऊंचाई अत्यंत कम होने से पिलर्स से टकराव की वजह से बरसात के पानी का तेज बहाव कटाव करते हुए दिनांक 29/07/2025 की मध्य रात्रि एवं दिनांक 22/08/2025 की मध्य रात्रि को उक्त लटिया नाला प्राकृतिक बहाव के बजाय विपरीत दिशा में प्रवेश करते हुए मदीना मस्जिद एवं सिराज के खेत में कच्ची दीवार को तोड़ते हुए घुस आया और उसके बाद आबादी क्षेत्र में प्रवेश करते हुए सबसे पहले हम्माल मोहल्ले के रास्ते से होता हुआ, सोरती बाजार, मिर्जा मोहल्ला, मनिहारी मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ले में होता हुआ, पुनः बरसाती लटिया नाले के असल प्रभाव में जाकर मिल गया,जिसकी वजह से प्रार्थीगण के मकानों में व अन्यों के मकानों, दुकानों में करीब 6 से 7 फीट तक पानी भर गया, घरों में रखा तमाम खाद्य सामान कई महंगे, इलेक्ट्रॉनिक सामान, दैनिक कपड़े लते, कई महंगे सामान इत्यादि खराब हो गए और कई घरों से सामान बहकर नाले में चले गए लोगों में पलायन की स्थिति उत्पन्न हो गई।
अधिवक्ता अब्दुल हासिब ने न्यायालय के समक्ष अपने तर्क रखते हुए बताया कि यदि जिला कलेक्टर, राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन सवाई माधोपुर और नगर परिषद बरसात के शुरू होने से पहले ही बरसाती नाले में मलबे से बनाई अस्थाई सड़क को साफ कर देते और नाली की गहराई को समय पर कर लेते तो प्रार्थीगण को नाकाबिले तलाफी नुकसान कारित नहीं होता। इनकी लापरवाही, उपेक्षापूर्ण कार्यों ओर उदासीनता की वजह से लटिया नाला को मौके पर उसके मौलिक एवं प्राकृतिक स्वरूप को पूरी तरह से बदल दिया गया है। जिसके बाबत मौके के फोटोग्राफ एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने दिए यह आदेश दिए:
न्यायालय सिविल न्यायाधीश, सवाई माधोपुर ने मामले में सुनवाई कर अंतरिम निषेधाज्ञा को मंजूर करते हुए राजस्थान राज्य जरिए जिला कलेक्टर, अधीक्षण अभियंता राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन लिमिटेड सवाई माधोपुर, आयुक्त नगर परिषद सवाई माधोपुर को जरिए अस्थाई निषेधाज्ञा से पाबंद करते हुए आदेशित किया है कि एलिवेटेड सड़क के पिलर नंबर 72 से 80 तक के मध्य घुमाव वाले हिस्से पर पूर्व दिशा की ओर अधीक्षण अभियंता राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कॉरपोरेशन सवाई माधोपुर के संवेदक द्वारा नाले में मलबे से बनाई अस्थाई सड़क को अतिशीघ्र मौके से साफ करवाया जाए और नाले की खुदाई को 10 फीट तक गहराई करवाया जाए। लटिया नाले के प्रवाह क्षेत्र में पड़े हुए गंदगी और कचरे के टीलों को मौके से तुरंत हटाया जाकर नाले के पानी के प्रवाह के मार्ग में आ रहे अवरोधों को तुरंत रूप से हटाए जाने के आदेश दिए है।
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