सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से चातुर्मास समिति के तत्वावधान में दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चमत्कारजी आलनपुर में चल रहे आचार्य सुकुमालनंदी, मुनि सुनयनंदी एवं ऐलक सुलोकनंदी के 26वें चातुर्मास का निष्ठापन (समापन) विधि-विधानपूर्वक धार्मिक वातावरण में विगत दिवस सम्पन्न हुआ।

चातुर्मास समिति के प्रचार-प्रसार मंत्री प्रवीण जैन ने बताया कि सब कुछ त्यागकर स्वयं मोक्ष मार्ग पर चलते हुए अपनी आत्मा को परमात्मा बनाने का पुरूषार्थ कर अपनी शिष्यों और भक्तों को मोक्षरूपी शिक्षा का गुरू मंत्री बताने वाले दिगम्बर जैनाचार्य सुकुमालनंदी ने साधुओं की साधना और श्रावकों की आराधना के महापर्व चातुर्मास के निष्ठापन की क्रिया मंत्रोचारण सहित जिनशासन की अपूर्व प्रभावना के साथ सम्पन्न की।
इस मौके पर आचार्य ने श्रावकों को प्रेरक सम्बोधन कर अमृतमयी वाणी में कहा कि धर्म के मार्ग में आगे रहना चाहिए तथा सच्चे देव-शास्त्र-गुरू के प्रति सदैव श्रद्धा का भाव रखते हुए मान-अभिमान छोड़कर मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होना चाहिए। तब ही मानव जीवन की सार्थक है। प्रवचनोपरांत आचार्य ने अपने दोनों हाथ उठाकर सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य महिला-पुरूषों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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