राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत संचालित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यरत पब्लिक हैल्थ मैनेजर, अकाउन्टेन्ट कम डाटा एन्ट्री ऑपरेटरों द्वारा काली पट्टी बांधकर गांधीवादी तरीके से विरोध कर कार्य किया जा रहा है। जिसमें प्रंबधकीय संवर्ग में कार्यरत संविदा कार्मिकों के वेतन विसंगति व नियमतिकरण को लेकर प्रदेशव्यापी स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
जिसके तहत 14 मई को राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी के अनुसार पब्लिक हैल्थ मैनेजर एवं अकाउंटेट कम डीईओ यूनियन एनयूएचएम सवाई माधोपुर की ओर से जिला संयोजक विनोद शर्मा एवं जिलाध्यक्ष अरविन्द गौतम द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. तेजराम मीना को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम ज्ञापन दिया गया।
जिला संयोजक विनोद शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत विगत पांच वर्ष से अल्प वेतन में कार्य कर रहे है। वर्तमान में कोरोना जैसी विश्व महामारी में बिना जाॅब सुरक्षा, वेतन भत्ते, बीमा सुरक्षा एवं विगत दो माह से बगैर अवकाश के दिन-रात कार्य कर रहे है। प्रदेश स्तर पर कई बार मुख्यंमत्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्य स्तर पर गठित मंत्रीमंडल की कमेटी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों को पत्रों, ट्वीटर, फेसबुक एवं ई-मेल के माध्यम से संविदा कार्मिको को नियमित करने के बारे में अवगत कराया है।
उन्होने ज्ञापन के माध्यम से राजस्थान के मुख्यंमत्री एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री से एनयूएचएम में कार्यरत समस्त संविदा कार्मिको को नियमित करने हेतु निर्णय लेकर संविदा कर्मचारियों को उनका हक दिलाने की मांग की है।