सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले में चंबल, मोरेल और बनास नदियों में जल आवक बढ़ने और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन की पूर्व तैयारियों को लेकर सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र के वीसी कक्ष में जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि चंबल, मोरेल और बनास नदियों में बढ़ते जलस्तर के चलते संभावित बाढ़ की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समस्त विभागीय अधिकारी सतर्कता बरतें और अलर्ट मोड पर रहें।
उन्होंने बताया कि कोटा बैराज, बीसलपुर व मोरेल बांध सहित अन्य जल स्रोतों का जलस्तर बढ़ने के कारण इनसे जल प्रवाह बढ़ने की आशंका है, जिससे नदियों के किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने समस्त उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों, तहसीलदारों, पटवारियों, गिरदावरों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि संभावित जलभराव वाले गांवों में जाकर ग्रामीणों को समय रहते सतर्क करें और उन्हें जागरूक बनाएं, ताकि जनहानि, पशुधन व संपत्ति की क्षति रोकी जा सके।
ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा समय पर सूचित किए जाने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर ने बौंली, चौथ का बरवाड़ा, मलारना डूंगर और खंडार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलियाओं और रपटों पर तेज बहाव की चेतावनी दी और ग्रामीणों से आग्रह किया कि ऐसे स्थानों को पार करने से बचें। साथ ही नदी, नालों, एनीकट एवं बांधों के निकट पिकनिक या किसी प्रकार की गतिविधि से परहेज करें।
तटीय गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश: एसडीओ, तहसीलदार, बीडीओ एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे फील्ड में जाकर ग्रामीणों को सतर्क करें और संभावित आपदा के प्रति जागरूक बनाएं। पालीघाट और खंडार क्षेत्रों में एसडीआरएफ व सिविल डिफेंस की टीमें अलर्ट मोड पर रखी गई हैं। ग्राम स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मुख्यालय न छोड़ें और गांवों से सतत संपर्क बनाए रखें।
असुरक्षित भवनों का उपयोग न करें: जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि सभी उपखंड क्षेत्र में 2 दिन के भीतर विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों और राजकीय भवनों का सर्वे कर असुरक्षित भवनों को चिन्हित किया जाए। ऐसे भवनों को तत्काल सील कर ‘असुरक्षित भवन – प्रवेश निषेध’ के बोर्ड लगाए जाएं। मरम्मत योग्य भवनों के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्यवाही की जाए, साथ ही वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान: जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को खुले हुए तारों को सुरक्षित ढकने एवं ढीले तारों को कसवाने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसी आपात स्थिति में आमजन जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 07462-220602, 07462-220201 या टोल फ्री नम्बर 1077 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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