
जिला कलेक्टर ने राजस्व दिवस पर राजस्व कार्मिकों को किया सम्मानित
द्वितीय राजस्व दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन ने आज शुक्रवार को राजस्व कार्मिकों को कलेक्ट्रेट स्थित राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रशंषा पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने बताया कि 15 अक्टूबर, 1955 को राजस्थान काश्तकारी अधिनियम लागू हुआ था।
इस अधिनियम के माध्यम से ही काश्तकारों को भू स्वामित्व का अधिकार मिला जो बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम था। जिला कलेक्टर ने बताया कि राजस्व विभाग से आमजन को बड़ी आशा रहती है। राजस्वकर्मी समय पर प्रकरणों को निपटायें और इसके लिये सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग करें।
जिले की अधिकांश तहसीलें ऑनलाइन हो चुकी है। इससे गिरदावरी, नामान्तकरण समेत अन्य कार्य के लिये काफी सुविधा हुई है।

एडीएम डॉ. सूरज सिंह नेगी ने पुरूस्कृत राजस्व कार्मिकों को बधाई देते हुये कहा कि नवाचार अपना कर आमजन के कार्य त्वरितता से करें। उन्होंने कोरोना काल में राजस्व कार्मिकों के द्वारा सेवा भाव से किये कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ उत्तम सिंह शेखावत, उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तहसीलदार मलारना कृष्णमुरारी मीना, भू-अभिलेख निरीक्षक मुकेश कुमार मीणा, पटवारी सुरेश चन्द वर्मा एवं कनिष्ठ सहायक अमितेश कुमार बैरवा गंगापुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सवाईमाधोपुर सदर कानूनगो गजानंद शर्मा व अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।