सवाई माधोपुर (राजेश शर्मा)
राजस्थान सरकार में उप मुख्यमंत्री और सरकार के आधा दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विभागों की मुखिया दिया कुमारी का आमजन खास कर सवाई माधोपुर के लोगों के प्रति नजरिया काफी बदल गया है। 2013 में पहली बार सवाई माधोपुर से भाजपा के टिकिट पर विधानसभा चुनाव लड़कर अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की। उस समय की विधायक दिया कुमारी ने सवाई माधोपुर विधानसभा क्षेत्र में ऐसा कोई बहुत बड़ा काम तो नहीं किया जिसे सवाई माधोपुर के विकास में कोई उपलब्धि के रूप में गिना जावे, लेकिन राजघराने से होने ओर आमजन से निरंतर नजदीकी बनाए रखने की प्रक्रिया के चलते लोगों में एक लंबे अंतराल के बाद दिया कुमारी को एक अच्छे जनप्रतिनिधि के रूप में देखने सार्थकता दिखाई दी। लोगों के प्रति विधायक के रूप में दिया कुमारी का स्नेह और कार्यप्रणाली से प्रभावित लोग दिया कुमारी के इतने फेन हो गए कि उन्हें पुनः सवाई माधोपुर से ही विधायक और सांसद के रूप में अपना प्रतिनिधित्व करवाने के लिए मन्नत मांगने लग गए।
लेकिन दिया कुमारी ने सवाई माधोपुर के बाद 2019 में राजसमंद से लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बन गई, और हाल ही में 2023 का विधानसभा चुनाव जयपुर से लड़ कर वे विधायक बनी और प्रदेश की सरकार में उप मुख्यमंत्री के ओहदे पर आसीन हो गई। दिया कुमारी आज प्रदेश के मुख्यमंत्री भजन लाल के बाद दूसरे नंबर की पावर फुल नेता बन गई। उनका पावर फुल नेता होना प्रदेश वासियों के लिए बहुत ही गर्व एवं खुशी की बात है, लेकिन दुख की बात ये है कि आम लोगों खासकर सवाई माधोपुर के प्रति उनके व्यवहार में काफी बदलाव आ गया है जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की थी। ये अहसास बुधवार 13 मार्च को उप मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार सवाई माधोपुर आई दिया कुमारी के व्यवहार से हुआ।

वे सवाई माधोपुर में प्रवेश करने से लेकर वापसी जयपुर जाने तक ऐसे लोगों से घिरी रही जो या तो उनके साथ जैसे तैसे फोटो खिंचवाकर अपनी दुकानें चलाने वाले साबित होंगे या कुछ इस तरह के लोग उनके इर्दगिर्द नजर आए जो उनके निजी स्टाफ के लोगों से जो सवाई माधोपुर से संबंध रखते हैं के खासम खास थे। सवाई माधोपुर के मीडिया से जुड़े लोग दिया कुमारी की सत्ता में भागीदारी के बाद से उनके निजी स्टाफ से लगातार संपर्क कर पत्रकारों की समस्याओं के बारे में मिलने का समय मांग रहे थे लेकिन 3 माह गुजर जाने के बाद भी मंत्री से मिलने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ।
दो दिन पहले जब पता चला की उप मुख्यमंत्री सवाई माधोपुर आ रही हैं, तो पुनः उनके निजी स्टाफ को कहा की पत्रकारों के प्रतिनिधि मण्डल को मिलने का समय दिलवाने का कष्ट करें, फिर सवाई माधोपुर आने के बाद यहां म्यूजियम में मौजूद उनके निजी स्टाफ को बोला की वे मंत्री जी अवगत करा दें की पत्रकारों का प्रतिनिधि मंडल मिलेगा लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात रही कि उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पत्रकारों को कोई तवज्जो नहीं दी और भीड़ में पत्रकारों को उनके निजी स्टाफ ने भी उन तक नहीं पहुंचने दिया। इस घटना से ये अंदाज लगाया जा सकता है कि जो मीडिया दिन रात दिया कुमारी के माधोपुर की विधायकी से लेकर उप मुख्यमंत्री बनने तक के सफर में साथ निभाता आया है उनके लिए ही आज उप मुख्यमंत्री के पास समय नहीं है तो आम आदमी को किस तरह उनसे मिलने का सौभाग्य प्राप्त हो सकता होगा।
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