सवाई माधोपुर: सवाई माधोपुर जिले में सावन में जहाँ लोग गर्मी से परेशान हो रहे थे, वहीं बीते 24 घंटों में जिले में हुई बारिश ने लोगों के सामने जल प्रलय जैसी परिस्थितियां खड़ी कर दी है। जिला मुख्यालय पर चारों और पानी ही पानी दिखाई दिया। भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गये। जिसके चलते एक ओर जहाँ लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर लोगों को लाखों का नुकसान भी हो गया है। मौसम विभाग द्वारा 29 जुलाई को ही जिले में 24 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। 29 और 30 जुलाई की मध्य रात्रि को हुई बारिश ने मौसम विभाग की चेतावनी को सच साबित कर दिया।
जिले में विगत रात से सुबह तक भारी बारिश का दौर चला। जिसके चलते जिले की चम्बल, बनास, गलवा, मोरेल, गंभीरा और जिला मुख्यालय पर लटिया नाले सहित सभी नदी नाले उफान पर बहने लगे। वहीं रणथंभौर के पहाड़ों से तेज प्रवाह से पानी आने के कारण रणथंभौर के सभी नदी नाले रौद्र रूप में दिखाई दिये। जिला मुख्यालय पर लटिया नाले में उफान पर बहने के कारण जिला मुख्यालय की राजबाग, मिर्जा मोहल्ला, खटीक मोहल्ला, कोली मोहल्ला, हम्माल मोहल्ला, रैगर मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला, ब्रह्मपूरी, राजनगर, केशव नगर, खेरदा, जटवाड़ा सहित दर्जनों कॉलोनियाँ जलमग्न हो गई। इस दौरान इन क्षेत्रों में सैंकड़ो घरों में दो से तीन फीट पानी भर गया।
देर रात आये इस सैलाब का जब पता लगा तब तक घरों में पानी भर चुका था। बाहर खड़े वाहन बहने लगे थे। घरों में पानी भरने से जहाँ लोगों के घरेलू सामान खराब हो गए। वहीं पुराने शहर के मुख्य बाजार में पानी की तेज आवक होने से दुकानों में पानी भरने से दुकानदारों के समान खराब हो गए। वहीं कई पशु भी लटिया नाले के उफान में बह गए। शहर कागजी मोहल्ले में रहने वाले रामू माली के पशु पानी में डूबने के कारण मर गए। वहीं खाने पीने का सामन भी खराब हो गया।
लटिया नाले के किनारे बसी कई कॉलोनियों में तो एक मंजिल तक पानी में डूब गई। ऐसे में लोगों का लाखों का नुकसान हो गया। भारी बारिश के चलते सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रेक पुरी तरह जलमग्न नजर आया। शहर मुख्य बाजार, आलनपुर, सर्किट हाउस से हाउसिंग बोर्ड रोड़, शनि मन्दिर के पास, बम्बोरी पुलिया, हम्मीर सर्किल, खेरदा पेट्रोल पम्प के पास सहित कई स्थानों पर तेज बहाव से रोड़ पर पानी बह निकला।
साथ ही खेरदा में लटिया नाले की पुलिया के उपर होकर पानी बहने लगा, जिससे पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई। अब इस पुलिया के भी टुटने का अंदेशा बना हुआ है। जिससे यातायात भी प्रभावित रहा। वहीं कलेक्ट्रेट सहित दर्जनों सरकारी कार्यालयों, थानों और बिल्डिंगों में पानी भर गया। नदी नालों के उफान पर आने से दर्जनों मार्ग अवरुद्ध हो गए और कई गाँव जलमग्न हो गए है। ग्रामीण इलाकों में दर्जनों गांव ऐसे हैं जिनका जिला मुख्यालय से पूरी तरह सम्पर्क कट गया है।
जिले में हुई भारी बारिश के कारण टोंक चिरगांव नेशनल हाईवे 552 स्थित मानसरोवर बांध के ओवर फ्लो के औगाड़ की पुलिया टूट गई। जिससे जिले के खंडार उपखंड क्षेत्र के सैंकड़ो गाँवो के साथ ही राजस्थान का मध्यप्रदेश से भी सम्पर्क कट गया। वहीं चम्बल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिसके चलते प्रशासन द्वारा खंडार क्षेत्र के दो दर्जन से भी अधिक गाँवो में अलर्ट जारी किया गया है।
लेकिन अब राहत की बात ये है कि बारिश का दौर थम गया और अब धीरे धीरे पानी कम हो रहा है, जो प्रशासन व आमजन के लिए राहत की बात जरूर है। लेकिन अभी भी मौसम विभाग का बारिश को लेकर अलर्ट है ऐसे में अगर अब बारिश होती है तो स्थितियां ओर भी विकट हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के साथ ही आम लोगों को भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
