अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के प्रतिष्ठित वैश्विक पटल पर सवाई माधोपुर से कवि सम्मेलन का आयोजन और संचालन किया गया। इस पटल के समन्वयक और इस संस्था के वैश्विक अध्यक्ष प्रख्यात साहित्यकार तथा पत्रकार प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव की। अध्यक्षता में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित इस कवि सम्मेलन का संचालन डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी ने किया।
कवि सम्मेलन में नोएडा से इस पटल के समन्वयक और इस संस्था के वैश्विक अध्यक्ष प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव, गोरखपुर से कवियत्री पूजा श्रीवास्तव, नैनीताल से कवियत्री सौम्या दुआ, कानपुर से कवियत्री डॉ. रश्मि कुलश्रेष्ठ, मुंबई से साहित्यकारा डॉ. दमयंती शर्मा और सवाई माधोपुर से डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी शामिल हुए।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ पूजा श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। उसके पश्चात पूजा श्रीवास्तव ने कविता सजदे में हम सिर चढ़ाकर जाएंगे, जां वतन तुझपे लुटाकर जाएंगे प्रस्तुत की। डॉ. रश्मि कुलश्रेष्ठ ने कविता शौर्य के प्रतीक बोस, जय हिन्द उदघोष, आज उनकी जयंती हम सब मना रहे प्रस्तुत की। इसी प्रकार डॉ. दमयंती शर्मा ने कविता शहादत दी जवानों ने, तिरंगा ओढ़ सीने पर वतन की शान हो गए, वो हिंदुस्तान हो गए प्रस्तुत की।
डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी ने कविता जय हे मातृ भूमि कल्याणी, शुभ्र किरीट हिमालय तेरा, सागर है चरणों का चेरा, हृदय देवताओं का डेरा, सस्य श्यामला, रूप तुम्हारा, शीतल चूनर धानी प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने कविता तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा, बोले थे ये महा वाक्य, नेताजी सुभाष ने प्रस्तुत की। मंगलवार देर शाम तक चले इस कवि सम्मेलन को स्वदेश एवं अन्य देशों के असंख्य श्रोताओं ने देखा सुना और सराहा।