नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस समय अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। गत सोमवार को डलास के बाद वर्जीनिया में उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात की है। राहुल गांधी ने वर्जीनिया के हर्नडन में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए लोकसभा चुनावों का जिक्र किया और पीएम मोदी के अलावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के तीन महीने पहले हमारे बैंक खाते सील कर दिए गए….हम सोच रहे थे कि अब आगे क्या किया जाए…मैंने कहा देखा जाएगा और हम चुनाव में गए। उन्होंने कहा, चुनाव के बाद बहुत कुछ बदल गया है। कुछ लोगों ने कहा कि ‘डर नहीं लगता अब, डर निकल गया’…मेरे लिए ये दिलचस्प था कि बीजेपी और पीएम मोदी ने जितना डर फैलाया था, छोटे व्यवसायों पर एजेंसियों का जितना दबाव बनाया गया….ये सब गायब हो गया।
संसद में मैंने प्रधानमंत्री को बिल्कुल करीब से देखा और मैं आपको बता सकता हूं कि मोदी का आइडिया- 56 इंच की छाती, ईश्वर के साथ सीधा संपर्क, ये सब अब जा चुका है। अब ये सब इतिहास हो गया है। संघ को लेकर राहुल ने कहा कि आरएसएस का कहना है कि कुछ राज्य दूसरों से कमतर हैं। कुछ भाषाएं दूसरों से कमतर हैं, कुछ धर्म दूसरे धर्मों से कमतर हैं और कुछ समुदाय दूसरे समुदायों से कमतर हैं।
सभी राज्यों के अपने इतिहास और अपनी परंपरा हैं..आरएसएस की विचारधारा है कि तमिल, मराठी, बंगाली, मणिपुरी…ये कमतर भाषाएं हैं…इसी बात की लड़ाई है…ये लोग (आरएसएस) भारत को नहीं समझते। उन्होंने कहा कि कि बीजेपी नहीं समझती है कि यह देश सभी का है। भारत एक संघ है। संविधान में ये साफ-साफ लिखा है…इंडिया यानी भारत राज्यों का संघ है। वे कहते हैं कि यह संघ नहीं है, ये कुछ अलग है।
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