प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 9 जुलाई को जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांच की गई। गर्भवतियों का वजन, उंचाई, पेट की जांच, खून की जांच, हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, शुगर, एचआईवी, सिफलिस, हदय स्पंदन, यूरिन, सोनोग्राफी आदि जांचों सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध करवाई गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. तेजराम मीना ने बताया कि चिकित्सकों ने विभिन्न चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवतियों जांच के साथ ही गर्भावस्था के दौरान किसी भी गर्भवती में जटिलता पाए जाने पर उच्च संस्थानों पर भी रेफर किया। जिन भी गर्भवतियों का हीमाग्लोबिन कम पाया गया उन्हें जांच के बाद अभियान के दौरान खून बढाने की दवाएं व आयरन सुक्रोज चढाया गया। चिकित्सकों ने गर्भावस्था में आने वाली जटिलताओं के बारे में जागरूक किया, महिलाओं को समझाया गया कि उन्हें इस दौरान क्या खाना है, कैसे अपना खयाल रखना है, प्रसव के पूर्व उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, हारमोन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं उसके लिए समय पर डाॅक्टर से मिलना है।
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