
चिकित्सक की कमी के कारण समय पर नहीं हो रहा मरीजों का इलाज
बामनवास उपखंड के बरनाला में चिकित्सक की कमी के कारण समय पर मरीजों को इलाज नहीं मिलने से मरीज भटक रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सरकार चौमुखी विकास के वादे करते नजर आ रही है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ग्रामीणों ने बताया कि बरनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन डॉक्टर थे। जिनमें से एक डॉक्टर को कुछ दिन पहले मलारना डूंगर लगा दिया गया तथा एक डॉक्टर छुट्टी पर है और तीसरा डॉक्टर सरकारी कामों में व्यस्त रहता है।
ऐसे में बरनाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 15 से 20 गांव के लोग अपना इलाज कराने के लिए आते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं मिलने से बिना इलाज निराश होकर लौटना पड़ता है। वहीं बाटोदा की स्थिति भी इसी प्रकार है। बाटोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महीनों से डॉक्टर नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मौसम के परिवर्तन के कारण ग्रामीणों को खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया आदि की चपेट में आने से या तो गंगापुर सिटी सवाई माधोपुर जाना पड़ता है।

ग्रामीण महिला जुमरत ने बताया कि तबीयत खराब होने पर वह बाटोदा से बरनाला और बरनाला में 2 घंटे इंतजार करने के बाद डॉक्टर नहीं मिला तो वह मलाना डूंगर पहुंची। लेकिन मलाना डूंगर पहुंचने के बाद पता चला वहां भी एक ही डॉक्टर है और मरीजों की लंबी भीड़ लगी हुई है। कई घंटों इंतजार करने के बाद डॉक्टर को दिखाया लेकिन सरकारी अस्पताल में जांच मशीन तो है लेकिन मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पाई। जिससे डॉक्टर को दिखाकर निराशाजनक स्थिति में अब गंगापुर-सवाई माधोपुर जाना पड़ेगा।
ऐसे में गरीब लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव में अस्पताल तो है और अस्पतालों में डॉक्टर नहीं तो इन अस्पतालों का क्या काम हम इन अस्पतालों के चक्कर में गुमराह होते हैं। जिससे हमारा समय पर इलाज नहीं होता और हम बड़ी बीमारी के चपेट में आ जाते हैं। मलारना डूंगर सरपंच जाहिद खान से बात होने पर उन्होंने बताया कि डॉक्टरों की कमी है और डॉक्टरों की कमी के बारे में उच्च अधिकारियों को बता चुका हूं। लेकिन डॉक्टरों की कमी दूर नहीं हुई जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है।