जिले की बामनवास पंचायत समिति की 38 तथा सवाई माधोपुर पंचायत समिति की तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव के लिए मतदान कराया गया।
प्रशासन एवं पुलिस भले ही शान्तिपूर्ण एवं कोरोना महामारी के बीच सरकार द्वारा जारी एडवायजरी की पालना के साथ मतदान कराने के दावे करें, लेकिन ये दावे सभी खोखले साबित दिखाई दिये।
सवाई माधोपुर पंचायत समिति की एक ग्राम पंचायत में तो वहाँ के हालात एवं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती देख जिला कलेक्टर भी आग बबूला होते देखे गये, यहाँ तक की वहाँ मौजूद पुलिस कर्मियों को जिला कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिये तो मौजूद पुलिस जाप्ते ने कलेक्टर के निर्देशों को भी हवा में उड़ा दिया। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार गुस्साये कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को मोबाईल पर पुलिस जाप्ते की लापरवाही की शिकायत करते हुए अति. पुलिस अधीक्षक को तो यहां तक कह दिया कि मुझे ऐसी पुलिस की आवश्यकता नहीं है। तुरन्त इनको हटा लीजिये। उन्होने पुलिस के रवैये की उच्च स्तर पर भी शिकायत की बात कही बताई।
इसी प्रकार जिले की बामनवास पंचायत समिति के पिपलाई में एक पुलिस सहायक उप निरीक्षक ने मीडिया के कुछ लोगों के साथ अभद्रता करते हुए उन्हे इसलिए मौके से हटा दिया कि उन्होंने एएसआई को कहा कि सर मतदान केन्द्र पर भीड़ ऊपर नीचे हो रही है, सोशल डिस्टेंसिंग नहीं है, थोड़ी व्यवस्था ठीक करवायें।
पुलिस के इस रवैये से कलेक्टर और मीडिया को ही शर्मिंदा होना पड़े तो आम आदमी की क्या स्थिति हो सकती है।
सवाई माधोपुर के रामड़ी एंव बामनवास के पिपलाई की तस्वीरें देखने से यह अन्दाजा अपने आप लग जायेगा की पुलिस कोरोना को लेकर जारी सरकारी एडवायजरी की पालना कराने में पूरी तरह नाकाम रही है। ऊपर से कलेक्टर व मीडिया को भी इधर उधर शिकायतें करने औश्र अपनी पीड़ा के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा हो।