पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को सायबर ठगी होने से बचाया है। गंगापुर सिटी कोतवाली, उदई मोड़ एवं गंगापुर सदर में विभिन्न तरीके से 3 जनों को सायबर ठगी का शिकार बनाया गया। परन्तु पुलिस की त्वरित कारवाई से उनके बैक अकांउट से विभिन्न वॉलेट में गए रूपए को फ्रीज कर वापस उनके बैक अकांउट मे लाने में सफलता प्राप्त की है। जिला पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर राजेश सिंह ने बताया है कि थाना गंगापुर सिटी कोतवाली, उदई मोड़ और गंगापुर सदर में विभिन्न तरीके से लोगों को सायबर ठगी का शिकार बनाया है। लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर उनके बैक अकांउट से विभिन्न वॉलेट में गए रूपए को फ्रीज कर वापस उनके बैक अकांउट मे लाने में सफलता प्राप्त की है। कालूराम मीणा वृत्ताधिकारी गंगापुर सिटी ने बताया कि गत दिनों निम्न सायबर ठगी की वारदाते हुई है जिन्हें पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई कर सायबर ठगी से बचाया है।
घटना – 1 : – थाना उदई मोड़ पर फरियादी विष्णु गुप्ता निवासी गंगापुर सीटी की पुत्री के अकाउंट एसबीआई शाखा से एक लाख रूपए सायबर ठगी से एयरटेल मनी वॉलेट में ट्रासफर करवाएं थे। पुलिस एवं फरियादी की तत्परता से फरियादी के अकांउट से गये एक लाख रूपये में से 50 हजार रूपये का एक ट्रांजेक्शन रूकवाने में सफलता प्राप्त की है। फरियादी का परिचित बन कर कॉल किया और बोला कि मैं आपके अकांउट में पैसे डलवा रहा हूँ, मेरे अकांउट में पैसे नहीं आ रहे है। उसके बाद कुछ रूपये डलवाये और फरियादी से उसकी सम्पूर्ण जानकारी ले कर फरियादी के अकांउट से रूपये निकाल कर ठगी का शिकार बना लिया।
घटना – 2 :- थाना गंगापुर सदर के अन्तर्गत में सरकारी स्कूल में कार्यरत महिला अध्यापिका के बैक अकांउट से 1.20 लाख रूपये सायबर ठगी से गुगल पे वॉलेट, पेटीएम, एयरटेल मनी वॉलेट में ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से फरियादी के रूपये वापिस उसके अकाउंट में आ गये।
फरियादी ने कस्टमर केयर का नम्बर गुगल पर सर्च किया था जो नम्बर मिला उस पर कॉल किया तो उसने फरियादी से सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर फरियादी के अकांउट से एक लाख रूपये निकाल लिए। सायबर ठगों द्वारा विभिन्न वेबसाईट पर फर्जी या धोखाधड़ी करने के आशय से नम्बर दे रखे है।
घटना -3 :- फरियादी लक्ष्मीचन्द मीणा निवासी गंगापुर सिटी थाना गंगापुर सिटी कोतवाली पर आया कि उसके एसबीआई बैक अकांउट से 89 हजार निकल गए है। फरियादी के मोबाईल पर एक लिंक आया जिस पर क्लिक करते ही उसके अकांउट से कुल 89 हजार रूपये निकल गये। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से फरियादी के सम्पूर्ण रूपये वापिस उसके अकाउंट में आ गये। फरियादी के मोबाईल नंबर पर एक लिंक आया जिसके ऑपन होते ही एक एपलीकेशन डाउनलोड हो गया। जिससे उसके बैक अकाउंट से कुल 89 हजार रूपये निकल गये।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, हिमांशु शर्मा ने बताया कि किसी भी व्यक्ति के साथ सायबर ठगी होने पर तुरंत 155260 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए एवं थाने पर सूचना देनी चाहिए। ताकि त्वरित कार्रवाई कर शिकायतकर्ता के बैक अकाउंट से निकाले गये पैसों को रूकवाने की कार्रवाई की जा सकें। सायबर सेल के एएसआई अजीत मोगा ने संबंधित वॉलेट/बैक से सम्पर्क कर पीड़ित व्यक्तियों को सायबर ठगी से बचाया।

आम जनता को सायबर ठगी से बचने के लिए निम्न सावधानी रखनी चाहिए:-
1. मोबाईल फोन पर अज्ञात नम्बर से आने एसएमएस/ई-मेल से जो लिंक आता है उसको ऑपन नही करना चाहिए।
2. बैक अधिकारियों द्वारा कभी भी खाता धारक से यूजर नेम, पासवर्ड/ कार्ड डिटेल/ओटीपी के बारे कॉल नहीं किया जाता है अतः कभी भी किसी व्यक्ति को जानकारी नही दें।
3. कभी भी बिना सत्यापित कोई भी एपलीकेशन डाउनलोड नहीं करनी चाहिए।
4. अज्ञात व्यक्ति के साथ अपने मोबाईल का स्क्रीन शेयर नहीं करना चाहिए जैसे एनीडेस्क एप्लीकेशन।
5. आपके मोबाईल पर नेटवर्क नहीं आ रहा है तो अविलम्ब मोबाईल ऑपरेटर कम्पनी से सम्पर्क करें। मोबाईल नेटवर्क नियमित रूप से चैक किया जावे। सभंव है कि आपके मोबाईल न. का ड्यूपलिकेट सीम इश्यु हो गया।
6. विभिन्न सर्च इंजन पर कस्टमर केयर सम्पर्क के नम्बर सर्च नहीं करें। वैधानिक वेबसाईट पर ही कस्टमर केयर सम्पर्क के नम्बर सर्च करें।
7. बार कोड स्केन करते वक्त विशेष सावधानी रखें।
8. व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर शेयर नहीं करनी चाहिए।
9. अज्ञात मोबाईल चार्जिग पोर्ट से मोबाईल फोन का चार्ज करने से बचना चाहिए।
10. लॉटरी/जॉब के लिए आने वाले मोबाईल कॉल को इग्नोर करना चाहिए।
11. बैक लॉन के लिए एडवांन्स फीस के लिए आने वाले कॉल को इग्नोर करना चाहिए क्योंकि बैककर्मियों द्वारा कभी भी लॉन के एडवान्स फीस के लिए कॉल नहीं किया जाता है।
12. अपने पासवर्ड/पीन कार्ड नम्बर/क्रेडिट कार्ड/डेबीट कार्ड/सीवीवी इत्यादी को अत्यन्त गोपनीय रखा जावें।
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