रणथम्भौर बाघ परियोजना क्षेत्र में असामाजिक तत्वों व इस क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोगों द्वारा वर्षा ऋतु के दौरान मवेशी चराने व मवेशी चराने के लिए प्रेरित करने से बाघ परियोजना के अधिकारियों, कर्मचारियों व गांवों के लोगों के मध्य झगड़े की सम्भावना से शांति भंग होने की आशंका है। साथ ही राष्ट्रीय उद्यान के अस्तित्व को खतरा पैदा किया जा सकता है। ऐसे में जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सवाई माधोपुर सुरेश कुमार ओला ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुुए एक आदेश जारी किया है।

आदेश के तहत सम्पूर्ण जिला सवाई माधोपुर क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति, संगठन, दल राष्ट्रीय उद्यान के प्रतिबंधित क्षेत्र में मवेशी चराने के लिए प्रेरित करने हेेतु किसी प्रकार के सभा, धरने, प्रदर्शन आदि का आयोजन नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति, संगठन, दल प्रतिबंधित क्षेत्र में मवेशी लेकर प्रवेश नहीं करेगा। आदेश की अवमानना भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है। यह आदेश 1 जुलाई, 2023 से 31 अगस्त, 2023 की सांय 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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