सवाई माधोपुर: विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर दुर्ग में स्थित एकमात्र त्रिनेत्र गणेश मंदिर में तीन दिवसीय वार्षिक लक्खी मेला गुरुवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस वार्षिक महोत्सव में भक्ति, उत्साह और आस्था का अभूतपूर्व नजारा दिखा। मौसम के प्रतिकूल हालात के बावजूद, बेहतरीन प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने पूरे आयोजन को ऐतिहासिक रूप से सफल बना दिया। जिला प्रशासन, नगर परिषद और पंचायती राज विभाग की ओर से सवाई माधोपुर शहर, रणथंभौर रोड, मेला मार्ग और किला तथा मंदिर परिसर क्षेत्र में साफ-सफाई और स्वच्छता ने इस बार मेले की भव्यता को नया आयाम दिया।
जिला कलक्टर काना राम ने त्रिनेत्र गणेश मेले के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं, आम जिलावासियों, मेला समिति सहित विभिन्न गतिविधियों की आयोजन समितियों और प्रशासनिक अधिकारियों को भी बधाई दी। उन्होंने विशेषकर पुलिस तथा वन विभाग सहित सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं के कार्मिकों के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं का मेले की सभी गतिविधियों को सफल बनाने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश के लाखों श्रद्धालुओं ने अनुशासित रहकर श्रद्धा भाव से भागीदारी की, जिस कारण चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद व्यवस्थाएं नियंत्रित और अनुशासित रहीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी एवं बुधवार के अनूठे संयोग और मानसून की रिमझिम बारिश के बीच कारण भगवान के भक्तों में मेले के दौरान श्रद्धा और उल्लास चरम पर रहा। सवाई माधोपुर शहर के बीच से ही पूरे रणथंभौर मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में भंडारों और प्रसादी वितरण का आयोजन हुआ, जिनमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ भागीदारी की। गणेश गणेश चतुर्थी को मेले के दूसरे दिन बारिश होने के बावजूद न तो लोगों के उत्साह में कमी रही और न ही प्रशासनिक स्तर पर कोई ढिलाई नजर आई।
जगह-जगह भंडारों और प्रसादी वितरण की व्यवस्था: सवाई माधोपुर से रणथंभौर तक मेले के मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडलों और भामाशाहों की ओर से जगह-जगह भंडारे सजाए गए। जिला प्रशासन ने निःशुल्क भंडारा लगाने वाले संचालकों के साथ कई बार बैठक कर निर्देशित किया कि वे स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और इस कार्य में नगर परिषद और स्थानीय ग्राम पंचायत समिति को पूर्ण सहयोग प्रदान करें।
इस क्रम में श्रद्धालुओं को भोजन, चाय-नाश्ता, पूरी-सब्जी, खीर-मालपुआ, जलेबी-कचोरी से लेकर शरबत तक वितरित किया गया, श्रद्धालु भंडारों पर श्रद्धा और आत्मीयता से प्रसादी ग्रहण करते रहे, लेकिन कहीं पर भी अव्यवस्था नहीं हुई। सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में 200-200 से अधिक सफाई कार्मिक नियोजित किए गए थे।
गणेश भक्तों के लिए एकदम दुरुस्त सुरक्षा और व्यवस्था: तीन दिवसीय मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए। मेले को 10 जोनों में बाँटा गया, जहाँ 1500 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहे। मंदिर में दर्शन के लिए महिलाओं एवं पुरुषों की कतारें अलग रखी गईं। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए विभिन्न स्थानों से रोड़वेज की 55 बसें लगाई गई। रणथंभोर राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में मेले के पैदल मार्ग पर तथा जिले में विभिन्न स्थानों पर नदी-नालों पर गोताखोर तैनात रहे। मेला मार्ग पर लगातार सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। मेला मार्ग पर कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए गए।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया
