सवाई माधोपुर: रणथंभौर दुर्ग स्थित श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में तीन दिवसीय लक्खी मेला-2025 मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। प्रदेश सहित देश के विभिन्न स्थानों से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ बसों, ट्रैक्टरों, कारों, जीपों, मोटरसाइकिलों व पैदल यात्रा कर गणेशधाम पहुंचे। मंदिर परिसर ‘गणेश जी महाराज की जय’ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा। गणेश भक्तों, जिला कलक्टर काना राम, मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुड़ानिया, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बैनीवाल, उप वन संरक्षक रामानंद भाकर, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, सहित अन्य अधिकारियों ने गणेश जी, उनकी पत्नियां रिद्धि-सिद्धि और पुत्र शुभ-लाभ के दर्शन कर मंगलकामनाएँ कीं।
भक्ति और उल्लास का संगम: ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालु घेरों और लोकगीतों के साथ नाचते-गाते मंदिर पहुंचे। दर्शन के बाद श्रद्धालु परिवार सहित किले की ऐतिहासिक छटा निहारते दिखे और मेले में लगे खिलौनों व अन्य दुकानों का आनंद लिया। निःशुल्क भण्डारों पर प्रसादी वितरण का क्रम भी लगातार चलता रहा।
प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद इंतजाम: मेला मजिस्ट्रेट दामोदर सिंह ने बताया कि जिला कलक्टर काना राम के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। मंदिर क्षेत्र और मार्गों पर 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की गई। नगर परिषद, पंचायत समिति, मंदिर ट्रस्ट और पुरातत्व विभाग के सहयोग से सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। अस्थाई व चल शौचालयों की व्यवस्था तथा कचरा निस्तारण हेतु ट्रैक्टर ट्रॉलियों और ऑटो टिपरों की तैनाती की गई।
प्लास्टिक मुक्त मेला और स्वच्छता पर विशेष फोकस: इस वर्ष मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने के प्रयासों का स्पष्ट असर दिखाई दिया। डिस्पोजल व पॉलिथीन पर रोक से रास्तों पर गंदगी नजर नहीं आई। नगर परिषद द्वारा मेले को 7 जोनों में बांटकर लगभग 200 सफाईकर्मी, 7-7 ट्रैक्टर ट्रॉलियां जेसीबी और जगह-जगह डस्टबिन रखे गए। प्रत्येक भण्डारे पर डस्टबिन रखवाए गए और स्वयंसेवकों ने सफाई व्यवस्था में सहयोग दिया।
जिला कलक्टर की अपील: कलक्टर ने श्रद्धालुओं को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हर वर्ष की भांति इस बार भी व्यापक तैयारियाँ की गई हैं और व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। श्रद्धालु अनुशासन बनाए रखें, प्रशासन आपके सहयोग के लिए तत्पर है। स्वच्छता और सुरक्षा ही सबसे बड़ी सेवा है। जिला कलक्टर ने सभी श्रद्धालुओं से समूह में रहकर ही दर्शन करने और किसी भी परिस्थिति में जंगल या निर्जन मार्गों पर अकेले न रुकने की अपील की। उन्होंने कहा कि हाल ही में टाइगर पगमार्क देखे जाने के कारण श्रद्धालु सतर्क रहें और जलभराव वाले मार्गों से गुजरने से बचें। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान रखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि परिक्रमा मार्ग केवल 27 अगस्त (गणेश चतुर्थी) को दिन के समय खोला जाएगा और इस दौरान केवल समूह में ही प्रवेश की अनुमति होगी। अन्य तिथियों में परिक्रमा मार्ग पूर्णतः बंद रहेगा।
आपातकालीन संपर्क नंबर: गणेशधाम मेला कंट्रोल रूम 07462-294101, मेला कंट्रोल रूम (एसडीएम कार्यालय) 07462-220344। बुधवार, 27 अगस्त को मेले का मुख्य आयोजन होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
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