जिला कलेक्टर राजेन्द्र किशन ने कहा कि विशेषज्ञों एवं मीडिया के अनुसार कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर में बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में सभी को संवेदनशील होकर समग्र रूप से प्रयास करते हुए बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए समस्त आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए पूर्व तैयारी रखनी चाहिए। 18 वर्ष तक बच्चों में आईएलआई के लक्षण वाले बालकों को समय पर दवा किट उपलब्ध करवाई जाए। कलेक्टर ने सोमवार को वीडियो काॅन्फ्रेन्स के माध्यम से जिले के सीएमएचओ, पीएमओ, ब्लाॅक सीएमएचओ, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं सीएचसी, पीएचसी के प्रभारियों से चर्चा करते हुए पूरी सावधानियां बरतने, डोर टू डोर किए जा रहे सर्वे को अनवरत रखने, आईएलआई के लक्षण वाले मरीजों को दवा किट उपलब्ध करवाने, उनसे लगातार फीडबेक लेने तथा पूरी सजगता बरतते हुए संक्रमण के प्रसार को रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बैठक में बताया कि सोमवार को जिले में कोरोना के एक्टिव केस केवल 538 रह गए है। इनमें से 23 केस 18 वर्ष से कम आयु के बालकों के है। उन्होंने बच्चों के संबंध में विशेष सतर्कता बरतने तथा लगातार माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिए। सर्वे के दौरान बालकों में आईएलआई के अधिक संख्या में लक्षण दिखें तो तुरंत सूचना प्रशासन एवं उच्चाधिकारियों को दे।