बार-बार सर्वे के बाद भी हो सकता है कि कुछ बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवार अब भी खाद्यान्न सहायता से वंचित हों। अब इनका सर्वे कर इन्हें खाद्यान्न सुरक्षा सूची में शामिल किया जायेगा। जिला कलेक्टर ने समस्त उपखण्ड अधिकारियों को सर्वे के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर इस कार्य को 3 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार जन-आधार के डेटाबेस के आधार पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित परिवारों को छोडकर बाकी सभी परिवारों का डेटा एसडीएम को दिया जा रहा है।

इसके बाद सर्वे कर पात्र परिवारों का चिन्हीकरण होगा। सर्वे मोबाईल ऐप और ई-मित्र कियोस्क के माध्यम से हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वे ग्राम पंचायत स्तरीय कोर ग्रुप एवं बीएलओ के माध्यम से तथा शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय एवं बीएलओं के माध्यम से किया जा रहा है। बेसहारा एवं जरूरतमंद व्यक्ति स्वयं ई-मित्र पर जाकर या एप के माध्यम से भी पंजीयन करवा सकता है।
सर्वे के समय बेसहारा एवं जरूरतमंद परिवारों से यह सूचना भी एकत्र की जा रही है कि वे किस उचित मूल्य दुकान से राशन लेना पसंद करेंगे। जिनका पूर्व में सर्वे किया जा चुका है, उनके पुनः सर्वे की आवश्यकता नहीं है।
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