सवाई माधोपुर: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के रूप में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई महत्वाकांक्षी पहल को प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं दिशा-निर्देशन में राज्य को विद्युत उत्पादन में सरप्लस बनाने एवं परिवारों को 24 घंटे मुफ्त विद्युत उपलब्ध कराने के लक्ष्यानुसार योजना को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। भारत सरकार द्वारा आदर्श सौर ग्राम योजना के तहत प्रत्येक जिले में 5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों का चिन्हिकरण कर एक करोड़ रूपए के केन्द्रीय वित्तीय सहायता के माध्यम से एक मॉडल सौर गांव विकसित किया जाएगा।
The village that installs the most solar plants will get a grant of Rs 1 crore.
ताकि ग्रामीण समुदाय अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भर बनाना, ऊर्जा बिलों मे कमी ला सकेंगें जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और सभी घरों एवं सार्वजनिक क्षेत्र को 24 घण्टे सौर उर्जा से संचालित गांव का विकास करना है। साथ ही सौर आधारित अघरेलू जल प्रणाली, कृषि उद्देश्य के लिए सौर पम्प और सौर स्ट्रीट लाइट जैसी तकनीकों को बढ़ावा देती है।
5 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों का किया चिन्हिकरण:
जिला कलक्टर शुभम चौधरी के निर्देशानुसार उक्त योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय समिति द्वारा मलारना चौड, मलारना डूंगर, पिपलदा, शिवाड, सारसोप, भगवतगढ़, चौथ का बरवाड़ा, सूरवाल, खिलचीपुर, कुस्तला, छाण आदि 5 हजार से अधिक आबादी वाले गांव चिन्हिकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि चिन्हित गांवों में प्रतियोगिता के आधार पर 6 माह के भीतर सर्वाधिक सोलर संयंत्र स्थापित करवाने वाले गांवों का चयन आदर्श गांव के रूप में किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा आदर्श सौर ग्राम को एक करोड रूपये की केन्द्रित वित्तीय सहायता का अनुदान दिया जाएगा।
अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग बी.एल. मीणा ने बताया कि आदर्श सौर ग्राम के लिए जिला स्तरीय समीति का गठन किया गया है। योजना में सामुदायिक सौर संयंत्र, सौर ऊर्जा संचालित उपकरण, सरकारी भवन पर सौर संयंत्र और सौर सार्वजनिक तकनीकी को शामिल किया गया है। योजना के प्रचार प्रसार हेतु प्रत्येक गांव के सरपंच अपनी ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक सौलर संयंत्र स्थापित करवायेंगें। साथ ही अग्रणी जिला प्रबंधक को लोन के बारे मे जानकारी देने का कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया।