मच्छरों को मारने के लिए आज मंगलवार को जिले में विभिन्न स्थानों पर चिकित्सा विभाग के कार्मिकों ने फोगिंग, टेमीफोस और एमएलओ आदि का छिड़काव किया। सीएमएचओ डॉ. तेजराम मीना ने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टायफस, मलेरिया से बचाव और मच्छरों के खात्मे के लिए यह एंटी लार्वा गतिविधि की जा रही है।
विभाग की टीम ने साफ पानी की टंकियों में टेमीफोस व गंदे पानी, नालियों में एमएलओ डाला। टीम ने आमजन से समझाइश कर बताया कि वे अपने आसपास के इलाकों में सफाई रखें, गंदा पानी इकट्ठा न होने दें व समय- समय टंकियों व जल भराव के स्थानों को साफ करते रहें, जिससे मच्छरों को पनपने से रोका जा सके।
कूलर, पानी के घडों, टंकियों, गमलों के नीचे की प्लेट, नारियल के ,खोलों, टायरों में भरे पानी में मच्छर पनपते हैं, इसलिए सात दिनों से ज्यादा समय तक इन सब में पानी नहीं भरे रहने दिया जाना चाहिए। सप्ताह में एक बार इन्हें साफ करें। घर के आसपास की जगहों में भरे पानी के गढ्ढों को मिट्टी से भर दें अथवा उसमें मच्छर मारने के लिए कीटनाशक स्प्रे करें।
घरों की खिडकियों और दरवाजों पर जाली लगाकर रखें। संभव हो तो मच्छरदानी का प्रयोग करें। यथासंभव शरीर को पूरा ढकने वाले कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों को मच्छरों से विशेष रूप से बचाकर रखें। किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं और प्रशिक्षित चिकित्सक से ही इलाज करवाएं।