जोधपुर: जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में अधिवक्ता से धक्का-मुक्की एवं बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस मामले ने सोमवार देर रात बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा, जहां न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश और डीसीपी पश्चिम विनीत कुमार बंसल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए है।
सुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर ने माना कि थानाधिकारी और पुलिसकर्मियों का आचरण अमर्यादित और अनुचित था। उन्होंने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की जांच एक आईपीएस रैंक अधिकारी से कराई जा रही है। हाईकोर्ट की फटकार के बाद थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी और रीडर नरेंद्र को लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, आरोपित पुलिसकर्मियों पर निलंबन और नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई भी शाम तक होने की संभावना जताई जा रही है। घटना के चश्मदीदों के अनुसार, वकील भारत सिंह अपनी पीड़िता प्रार्थी, जो कथित तौर पर बला*त्कार पीड़िता है, उसके साथ बयान दर्ज कराने थाने पहुंचे थे।
इस दौरान सादे वस्त्रों में मौजूद एक पुलिसकर्मी द्वारा आधार कार्ड मांगे जाने पर वकील ने आपत्ति जताई। इसी बात पर विवाद बढ़ा और वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक पुलिसकर्मी वकील को कमरे में धकेलते हुए दरवाजा बंद करने की कोशिश करता है। विरोध करने पर दोनों पक्षों में नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती नजर आती है। महिला वकील ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मी उससे भी उलझ गए। वकीलों का कहना है कि थाने में कानून की मर्यादा का खुला उल्लंघन किया गया।
अधिकारियों की ओर से सफाई भी सामने आई है। डीसीपी विनीत बंसल ने कहा कि पीड़िता बयान दर्ज कराने आई थी और अधिवक्ता भी साथ थे। रीडर द्वारा आधार कार्ड मांगने पर ही विवाद शुरू हुआ, लेकिन किसी को लॉकअप में नहीं डाला गया। वहीं, थानाधिकारी हमीर सिंह भाटी ने दावा किया कि अधिवक्ताओं ने ही रीडर को धम*काया और वायरल वीडियो में पूर्व का हिस्सा काटकर बाद वाला हिस्सा प्रसारित किया गया।
घटना के विरोध में अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश है। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन और हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने थाने में अधिवक्ता से की गई धक्का-मुक्की को अमर्यादित बताते हुए मंगलवार को एक दिन के न्यायिक कार्य बहिष्कार की घोषणा की है। (सूत्र : राजस्थान पत्रिका)
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