नई दिल्ली: दीपावली को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ सूची में शामिल किया गया है। यूनेस्को ने अपने एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी देते हुए, बधाई दी है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा कि बुराई पर अच्छाई की जीत और भगवान राम के अयोध्या लौटने के प्रतीक और दुनिया भर में मनाये जाने वाले दीपावली के त्योहार को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा है कि भारत और दुनिया भर के लोग उत्साहित हैं। यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल किए जाने से इस त्योहार की वैश्विक लोकप्रियता और बढ़ेगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा है कि दीपावली’ को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किए जाने की खुशी है। इस सूची में शामिल किया जाना, इस त्योहार के व्यापक सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और लोगों को एक साथ लाने में इसकी भूमिका को मान्यता देना है।
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New inscription on the #IntangibleHeritage List: Deepavali, #India🇮🇳.
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— UNESCO 🏛️ #Education #Sciences #Culture 🇺🇳 (@UNESCO) December 10, 2025
क्या होती है अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची:
यूनेस्को वेबसाइट के अनुसार इस सूची में वे परंपराएं और जीवित अभिव्यक्तियां भी शामिल हैं जो हमारे पूर्वजों से मिली हैं और आगे हमारी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में मिलती हैं। इस बार यूनेस्को ने ‘कंपास ऑफ हैती’, आईसलैंड के ‘स्वीमिंग पूल कल्चर’, इराक की सामाजिक परंपरा ‘अल मुहैबिस’, जॉर्डन के ‘अल-मिहरास ट्री’, कुवैत के ‘दिवानिया’, घाना के ‘हाईलाइफ़’ समेत कई देशों की परंपराओं को इस सूची में शामिल किया है।
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