जिले के निकटवर्ती चौथ का बरवाड़ा स्थित चौथ माता का तीन दिवसीय वार्षिक मेला बिना किसी प्रशासनिक व्यवस्था के परवान पर दिखाई दिया। जिला प्रशासन ने कोविड-19 को लेकर जारी गृह विभाग की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए मेला नहीं भरवाने का निर्णय कर लिया और इसी निर्णय को ध्यान में रखते हुए शायद प्रशासन ने मेले जैसी कोई प्रशासनिक व्यवस्था नहीं की।
शनिवार से चल रही चौथ माता श्रद्धालुओं की भीड़ रविवार को चौथ होने के कारण जबरदस्त देखने को मिली प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मेले में ट्रस्ट द्वारा की गयी व्यवस्थाएं भी नगण्य दिखाई दी। लाखों यात्रियों के नियंत्रण करने के लिए ट्रस्ट कर्मियों के अलावा पुलिस के इक्के-दुक्के जवान मेला क्षेत्र में दर्शक के रूप में दिखाई दिए। कई जगह तो इतनी जबरदस्त धक्का-मुक्की होती देखी गयी जहाँ पुलिस की व्यवस्था होना बहुत जरूरी था।

मेला व्यवस्था के नाम पर पुलिस चौथमाता मन्दिर से 7 किलोमीटर दूर सवाई माधोपुर रोड़ पर दिखाई दी जो केवल वाहनों को रोककर पार्किंग करवाने और श्रद्धालुओं को परेशान करते दिखाई दिये।
प्रशासन ने भले ही मेला नहीं भरवाने का आदेश जारी कर अपनी जिम्मेदारी की इती श्री कर ली हो लेकिन मेले में श्रद्धालुओं की लाखों की भीड़ ने अपनी आस्था के आगे प्रशासन को भी बोना साबित कर दिया। यहाँ न कोई मास्क और सेनेटाईजर देखने वाला था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाने वाला।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार रविवार 31 जनवरी को 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं ने चौथ माता के दर्शन किये हैं और मेला सोमवार तक भी जारी रहेगा।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया