मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ती साफ नजर आ रही है।
सामान्य चिकित्साल के शौचालय का निरीक्षण किया जाए खासकर मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के शौचालयों का तो हाल ही बुरा है। शौचालय में शौच करना तो दूर की बात है बदबू और कचरे की वजह से उधर से गुजरना भी बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में महिला मरीजों के लिए बनाए गए शौचालयों की सुध नहीं ली जाती और वो गंदगी, कचरे से अटे पड़े रहते है। यहां तक कि महिला मरीजों को शौच के लिए बाहर का रूख करना पड़ता है। सामान्य चिकित्सालय में ही भर्ती महिला मरीज शकुंतला देवी ने बताया कि शौचालय की सफाई के लिए यहां के सफाई कर्मियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन वो आनाकानी करते हुए यहां से फरार हो जाते है। उन्होंने यह भी बताया कि कई शौचालय तो साफ-सफाई की वजह से गंदगी से अटे पड़े़ हैं। जिनमें शौच जाना तो दूर गंदगी और बदबू की वजह से पास भी नहीं जा सकते। ऐसे में उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि शौचालयों की समय-समय पर साफ सफाई कराई जाए, जिससे महिला मरीजों को शौच के लिए इधर-उधर ना भटकना पड़े।
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