रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टेरिटोरियल फाइट में घायल बाघ टी-120 को वन विभाग की ओर से आज रविवार को ट्रेंकुलाइज कर उपचार किया गया। बाघ टी-120 का मुख्य वन संरक्षक टीसी वर्मा के निर्देशन में मेगट वाले घाव का रणथंभौर के वेटरनरी चिकत्सकों ने ट्रेंकुलाइज कर इलाज किया। डॉ. चन्द्र प्रकाश मीना वेटरनरी ऑफीसर रणथंभौर टाइगर रिजर्व ने बताया की उपचार करने वाली टीम में डॉ. राजीव गर्ग, जीतसिंह खंगार, फरहान खान , राजवीर सिंह, बाल किशन सैनी, जसकरण मीना, सहायक वन संरक्षण संजीव शर्मा, एनटीसीए के प्रतिनिधि दौलत सिंह और डब्लूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

उन्होंने बताया कि नर बाघ के लम्बोसेकरल वर्टीबरा पर मेगट लुंड था, जिसमें मेगिटीशाइडल और एंटीबायोटिक दवा देकर सर्जीकल इंटरवेंशन एनटीसीए की अनुमति से बाघ को ट्रेंकुलाइज किया गया। उपचार के बाद टाइगर होश में आ गया। गौरतलब है कि टेरिटोरियल फाइट में बाघ टी-120 गंभीर घायल हो गया था। इलाके की जंग के चलते बाघ टी-120 के गर्दन और आगे के बाएं पैर में घाव हुआ था। जिसे किसी पर्यटक ने अपने कैमरे में कैद किया है। बाघ के घायल होने की सूचना के बाद वन विभाग हरकत में आया और विभाग की ओर से बाघ को ट्रेंकुलाइज कर इलाज किया गया।
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