रणथंभौर में अमरेश्वर गेट के सामने वन क्षेत्र में गत रविवार को रात के वक्त में भैंस के शिकार का लुत्फ उठाती बाघिन पर टार्च और वाहनों की लाइट मारने, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने एवं लाइव चलाने के मामले में गत सोमवार को कांग्रेस पार्षद फुरकान अली को वन विभाग ने नोटिस जारी किया है। इस संबंध में पार्षद को तीन दिनों में आरओपीटी के कार्यवाहक रेंजर के समक्ष पेश होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत कांग्रेस पार्षद फुरकान अली ने रणथंभौर की आरओपीटी रेंज के कार्यवाहक क्षेत्रीय वनाधिकारी के समक्ष स्पष्टीकरण पेश किया है।
इसमें उन्होंनें रात के वक्त बाघिन पर टार्च मारने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने से साफ मना किया है। वहीं उन्होंने अपने जबाब में कहा कि गत 10 अप्रैल को जब वह रात में अपने गांव से वापस आ रहे थे तो रास्ते में अमरेश्वर गेट की आगे की तरफ रोड़ पर कई गाडियां खडी हुई थी। तो उन्होंने भी अपनी कार को रोककर बाघ को देखा था, उस वक्त उनके पास कोई टॉर्च भी नहीं थी और ना ही उन्होंने कार की लाइट बाघिन पर की ओर डाली थी।

वहीं उन्होंने जवाब में आगे कहा है कि सोशल मीडिया पर बाघिन का कोई वीडियो वायरल नहीं किया। घटना को उनके अलावा वहां मौजूद कई लोगों ने देखा था और अपमें मोबाइल में रिकॉर्ड किया था। उन्होंंने जबाब में लिखा है कि वह रणथंभौर के ही निवासी है तथा बाघों के संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं।
यह था मामला
रणथंभौर में रात के वक्त एक बार फिर बाघिन को परेशान करने का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात रणथंभौर रोड़ पर अमरेश्वर गेट के सामने वन क्षेत्र में बाघिन ने एक भैंस का शिकार किया हुआ था। उस समय कांग्रेस पार्षद फुरकान अली ने बाघिन का शिकार का लुत्फ उठाते हुआ का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया था। इससे वीडियो के वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया था और वन विभाग की ओर से कांग्रेस पार्षद को मामले में नोटिस जारी किया गया था।
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