जवाबदेही कानून नहीं आने तक संघर्ष जारी रहेगा – शंकर सिंह
सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान राजस्थान द्वारा राज्य में जवाबदेही कानून की मांग को लेकर पिछले एक दशक से आंदोलन चल रहा है। अभियान द्वारा आज सोमवार को शहीद स्मारक पर द्वितीय जवाबदेही यात्रा के दूसरे चरण के बाद जयपुर पहुंची और धरना शुरू किया है। धरने की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई जहां पर 25 जिलों के लोग भाग ले रहे हैं और अपनी समस्याएं बता रहे हैं और जवाबदेही कानून की आवश्यकता क्यों को लेकर अपनी बात रख रहे हैं। धरने की शुरुआत जवाबदेही धरना जवाब मांगे रे के साथ हुई जिसमें सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से क्या और क्यों जवाब मांग रहे हैं वह विस्तार से बताया गया।
यहां पर हुई सभा को सूचना के अधिकार, महात्मा गांधी नरेगा एवं अन्य आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया, 2019 और 2022 के बजट में घोषणा की और जो रामलुभाया की अध्यक्षता में कमेटी बनी उसने भी अपनी रिपोर्ट दे दी है। लेकिन आज तक कानून नहीं लाया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जो भी घोषणाएं की जाती हैं उन्हें पूरा करना सरकार के लिए बाध्यकारी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जवाबदेही कानून तुरंत लाना चाहिए।
सभा को संबोधित करते हुए पीयूसीएल की राज्य अध्यक्षा एवं राष्ट्रीय सचिव और प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं दो बार विधानसभा में जवाबदेही कानून लाए जाने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन उसे विधानसभा में नहीं लाया जा रहा है। यदि विधानसभा में की गई घोषणाओं पर अमल नहीं होगा तो जनता का राजनेताओं से ही विश्वास उठ जाएगा। इसलिए अशोक गहलोत को अपना वादा निभाते हुए तुरंत जवाबदेही कानून लाना होगा।

मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक सदस्य एवं धरने का समन्वय कर रहे शंकरसिंह ने कहा कि हमने राज्य और देश में कई प्रकार के आंदोलन किए हैं और कई कानून आंदोलन करके हासिल किए हैं। जवाबदेही का यह आंदोलन भी किसी भी तरह से थकने वाला नहीं है, जब तक कानून नहीं आएगा तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। विभिन्न प्रकार की समस्याओं को लेकर विभिन्न जिलों से लोग पहुंचे धरने में कई जिलों से अपनी समस्याओं लेकर पहुंचे जिसमें जमीन, सिलिकोसिस, ऑनलाइन प्लेटफार्म वर्कर्स आदि ने अपनी समस्याएं रखी और जवाबदेही तय किए जाने पर बल दिया।
जवाबदेही धरने में स्वयंसेवकों ने लिखी शिकायतें
विभिन्न जिलों से अपनी समस्याओं को लेकर आए लोगों की शिकायतें धरने के स्वयंसेवकों ने लिखी जिनमें चुकेश, शीतल, रेखा एवं बेनीप्रसाद शामिल थे।
धरने की ओर से राज्य के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
जवाबदेही धरने की ओर से राज्य में तुरंत जवाबदेही कानून पास किया जाने को लेकर पत्र लिखा गया है जिसमें उनके द्वारा किए वादे और बजट घोषणाओं को याद दिलाते हुए साथ ही मिलने का समय भी मांगा गया है।
सभा को किया संबोधित
कविता श्रीवास्तव, निखिल डे, शंकर सिंह, आरडी व्यास, धर्मचंद खैर, गोविंदलाल, भंवरलाल, बालूलाल, छोटूलाल, मोटाराम, रेहाना बानो, धर्मेंद्र वैष्णव, मूलचंद शर्मा, सुमन देवठिया, पवन देव, रामतरुण आदि ने सभा को संबोधित किया और जवाबदेही कानून बनाए जाने का समर्थन किया।
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