Thursday , 23 April 2026
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बहरावण्डा खुर्द का कमल सरोवर बना जहरीला तालाब, कीटनाशक डालने से जलीय जीवों की मौत

बहरावण्डा खुर्द कस्बे में स्थित मॉडल तालाब (कमल सरोवर) के जलीय जीव पानी की सतह पर मृत अवस्था में पाये जाने से कस्बे में सनसनी सी फैल गई। मॉडल तालाब की सारी मछलियां, सर्प, मेढ़क व अन्य जलीय जीव जो कि तालाब में थे वे सभी मृत अवस्था में तालाब के किनारों व सतह पर तैरते मिले। ग्रामीणों ने आसपास तलाश की तो वहां कुछ कीटनाशक दवाइयों के खाली पैकेट मिले।
जानकारी के अनुसार बहरावण्डा खुर्द तालाब में प्रतिवर्ष सिंघाड़े लगाये जाते है जिसके लिए ग्राम पंचायत बहरावण्डा खुर्द द्वारा हर साल ठेका दिया जाता है। इस साल भी ग्राम पंचायत ने तालाब में सिंघाड़े लगाने के लिए 80 हजार रूपये में जैतपुर के रामहरि, बाबू कीर को ठेका दिया। ठेकेदारों ने सिंघाड़ों की बेले तालाब में डाल दी।

 

 

कुछ दिन बाद उन बेलों से उन्नत किस्म का उत्पादन पाने की लालसा में ठेकेदारों ने तालाब में घातक कीटनाशक दवाई डाल दी। उसके बाद से तालाब की सारी मछलियां मृत होकर पानी की सतह पर ढ़ेर हो गई। वहीं अन्य जलीय जीवों की भी तालाब में कोई हलचल दिखाई नहीं दे रही है। ग्रामीणों ने बताया कि 10 बीघा में फैले मॉडल तालाब में बरसात का पानी अच्छी तरह से भर जाने पर पूरे 12 महीने तालाब में पानी रहता है। मुख्य रूप से तालाब में जलीय जीव सांप, मेंढक, कछुए, मछलियां तथा मगरमच्छ रहते हैं। वहीं सिंघाड़े की फसल को तोड़ते समय सांपों और मगरमच्छों का अत्यधिक खतरा रहता है।

 

Baharwanda Khurd's lotus pond becomes poisonous pond

 

ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के किनारे एयूजिम माइक्रो फर्टिलाइजर, कार्मल, कार्बाफ्यूरोन, को-फ्यूरो, एडमायर, रामी, निका जैसे कई घातक रासायनिक कीटनाशकों के पैकेट पड़े मिले। जो इन जलीय जीवों की मौत का कारण हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इन जलीय जीवों की मौत का कोई प्रामाणिक कारण पता नहीं लग पाया है। उल्लेखनीय है कि मॉडल तालाब से लगभग 500 मीटर की दूरी पर ही रणथम्भौर टाइगर रिजर्व की सीमा लगती है। अभ्यारण्य से रात के समय नीलगाय, भालू, सियार, जरख, जंगली सूअर जैसे कई वन्य जीव पानी पीने के लिए तालाब पर आते हैं। अगर किसी जंगली जानवर या कुत्तों द्वारा तालाब में मृत पड़ी मछलियों को खा जाता है तो उसकी भी मौत हो सकती है। वहीं तालाब में फैले जहरीले पानी से संक्रमण भी उत्पन्न हो सकते हैं।

 

 

बहरावण्डा खुर्द के मॉडल तालाब में मछलियां व अन्य जलीय जीवों के मरने के बाद ग्रामीणों ने अपने पालतू पशुओं को तालाब में पानी पिलाने पर रोक लगा दी है। गांव में भी यह संदेश दिया जा रहा है कि कोई भी अपने पशुओं को तालाब में पानी नही पिलाये नहीं तो हो सकता है कि गाय-भैसों की जान पर बन आये। ग्रामीणों ने मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने व मॉडल तालाब को साफ स्वच्छ करवाने की मांग की है। इस मामले में सरपंच ने जलीय जीवों को मारने कोई जानकारी नहीं होने तथा तालाब में कीटनाशक दवाएं नहीं डालने की बात कही बताई।

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