घुश्मेश्वर महादेव मंदिर शिवाड़ को जोड़ने वाली चारों तरफ की सड़कों का बुरा हाल है। सड़कें अपने घाव दिखा रही है। लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। घुश्मेश्वर नगरी में महाशिवरात्रि का पांच दिवसीय महोत्सव 8 मार्च से प्रारंभ होने जा रहा है इस कारण भोले बाबा के मेले में आने वाले हजारों पैदल यात्रियों एवं वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण एवं घुश्मेश्वर ट्रस्ट अध्यक्ष ने विभाग अधिकारियों को कई बार अवगत करवा कर सड़क मार्ग की मरम्मत करवाने की मांग कर चुके हैं।
समाजसेवी जगदीश प्रसाद सोनी और विकास कुमार गुर्जर ने बताया कि भोले के दरबार में अधिकतर श्रद्धालु जयपुर, वाया, बरौनी, नटवाड़ा, शिवाड़, दौसा, बौंली, वाया, जामडोली, शिवाड़, कोटा, बूंदी, वाया, मंडावर, ईसरदा, शिवाड़ भोले बाबा के दरबार में पहुंचते हैं और इन्हीं मार्गों की सड़कों की स्थिति ऐसी है कि वाहनों का चलना तो दूर की बात है पैदल भी आसानी से नहीं चल सकते।

जिनकी समय-समय पर सांसद एवं विधायकों एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग को अवगत करवाया गया है किंतु सड़क नहीं बनाई गई है। बरौनी से कंवरपुरा तक का सड़क मार्ग जगह से टूटा पड़ा है सड़क ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का कार्य कछुआ चाल की तरह धीमी गति से कराया जा रहा है।
जिसके चलते 21 किलोमीटर मार्ग का किया कार्य 6 महीने से चालू है मार्ग में आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो रहे हैं। वहीं टोंक, मंडावर, वाया, ईसरदा, शिवाड़, सवाई माधोपुर, आछेर, शिवाड़, जामडोली, शिवाड़ मार्ग क्षतिग्रस्त होकर गढ़ों में तब्दील होकर अपने जख्म दिख रहा है और दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है।
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