नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद एवं विपक्ष नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी है और संसद में उनके भाषण के अंशों को हटाए जाने पर चिंता जाहीर की है। राहुल गांधी ने कहा है कि भाषण को चुनिंदा ढंग से हटाया जाना समझ से परे है और उनके बयान के हिस्सों को नहीं हटाया जाना चाहिए। विपक्ष के नेता के नाते सदन में अपने पहले भाषण में राहुल गांधी ने भाजपा की राजनीति करने के तरीके पर जमकर हमला बोला है।
उन्होंने कहा है कि भाजपा लोगों के बीच धर्म के नाम पर नफरत एवं हिंसा फैलाती है। अपने भाषण में उन्होंने जो बोला है उसके कुछ हिस्से को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया है। जिस पर राहुल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी और कहा कि अध्यक्ष के पास शक्ति होती है कि वो भाषण को संसद की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा सकते हैं, लेकिन उन्हीं बयानों या शब्दों को हटाया जा सकता है जिसका उल्लेख लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम 380 में है।

राहुल ने लिखा है कि, मैं यह देखकर हैरान हूं कि किस तरह मेरे भाषण के काफी हिस्से को कार्यवाही से निकाल दिया गया है, जो अंश हटाए गए है वो नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। मैं सदन में जो बोलना चाहता था, वह जमीनी हकीकत और तथ्यात्मक रूप से सही है। लोकसभा के प्रत्येक सदस्य जो जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हे भारत के संविधान के अनुच्छेद 105(1) में तहत अभिव्यक्ति की आजादी है।” उन्होंने कहा कि ये हर सदस्य का कर्तव्य है कि वह लोगों की आवाज को फ्लोर पर उठाए।
(सोर्स : बीबीसी न्यूज हिन्दी)
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