सवाई माधोपुर: (राजेश शर्मा): नगर परिषद सवाई माधोपुर में इन दिनों आमजन नारकीय परिस्थितियों में जीवन जीने को मजबूर नजर आ रहे हैं। नगर परिषद क्षेत्र में रोड़ लाईट, सड़क, सफाई एवं पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का पूर्ण तया अभाव नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय पर नगर परिषद सवाई माधोपुर के चेयरमैन तू चल में आया के सिद्धान्त पर चल रहे हैं। अब तक लगभग आधा दर्जन लोग चैयरमेन बन चुके हैं। इस व्यवस्था के चलते शहर की व्यवस्थाओं पर कोई काम नहीं हो पा रहा है।
जिला मुख्यालय के हर गली मोहल्ले, कॉलानियों में गंदगी के अम्बार दिखाई देते हैं। नगर परिषद की कचरा संग्रहण की व्यवस्था कई माह से बन्द ही नजर आ रही है। इससे गली मोहल्लों के साथ साथ आमजन खासकर महिलाओं को घरों में कचरा इकट्ठा होने से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में महिलाओं के लिए तो कहीं शौचालय जैसी सुविधाऐं नजर नहीं आती। कुछ जगह बने शौचालय भी खराब हैं या उनकी भी सफाई नहीं होने से बेकार पड़े दिखाई देते हैं। जिला मुख्यालय पर हम्मीर ब्रिज के विस्तारिकरण का कार्य पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। इस कार्य की समय सीमा द्रोपदी के चीर की तरह बढ़ती ही जा रही है।
इस कार्य के कारण प्रतिदिन कई बार यहाँ जाम लगा हुआ दिखाई देता है। इससे नगर वासियों का शहर, हाउसिंग बोर्ड, आलनपुर, रणथंभौर रोड़ से बजरिया मानटाउन क्षेत्र में जाना भी बहुत बुरा सपना सा लगता है। जगह-जगह रोड पर गड्डे हैं, जहाँ हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। बारिस हो या अन्य मौसम हम्मीर सर्किल से रणथंभौर रोड़, आलनपुर चौराहा कहीं भी रोड़ पर गड्ढों में पानी भरा देखा जा सकता है। रोड लाईट का हाल बेहाल है। कई जगह तो दिन में भी रोड़ लाईट जली दिखाई देती है तो कहीं पर रात में भी अंधेरा कायम रहता है।
पूर्व विधायक दानिश अबरार द्वारा बनवाई गई प्याऊ भी अब संचालित नहीं हो रही हैं। ऐसे में लोगों को पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हम्मीर सर्किल से सामान्य चिकित्सालय तक सड़क के दोनों ओर कई फीट तक बड़े बड़े स्थायी, अस्थायी अतिक्रमण देखे जा सकते हैं। लेकिन इनको देखने वाला कोई नहीं है। इन समस्याओं को देखते हुए सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर्यटन नगरी का महत्व खोता जा रहा है। बहरहाल लोग अब कहने लगे हैं कि सवाई माधोपुर में नगरपरिषद नाम की कोई चीज नहीं बची है। सभापति का पता नहीं, विपक्ष का पता नहीं, और तो और पार्षद भी गायब हो गये हैं।
किसी का ध्यान इन समस्याओं पर नहीं है। कोई सुनने देखने वाला नजर नहीं आता है। ऐसे में नगर परिषद क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं को कौन देखेगा, आमजन की कौन सुनेगा। लोगों का कहना है कि वर्तमान में स्थानीय विधायक डॉ. किरोड़ीलाल मीणा केबिनेट मंत्री हैं। लेकिन उनके होते हुए भी नगर परिषद दुर्दशा का शि*कार हो रही है। जिसका खामियाजा यहां की आमजनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने कृषि मंत्री एवं जिला प्रशासन से नगर परिषद क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की मांग की है।
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