कर्नाटक: कर्नाटक में एक बाघिन और उसके चार शावकों को जह*र देने की घटना की जांच के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में लापरवाही और कर्तव्य में चूक के लिए उप वन संरक्षक (डीसीएफ) और तीन अन्य अधिकारियों को निलंबित करने की सिफारिश की है। समिति ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि माले महादेश्वर हिल्स वाइल्डलाइफ सेंचुरी में गश्त करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को अधिकारी समय पर वेतन नहीं दे सके। वेतन अप्रैल में जारी किया गया था, लेकिन कर्मचारियों को जून में भी भुगतान नहीं किया गया।
राज्य के वन मंत्री ईश्वर खांदरे की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह साफ है कि वेतन का भुगतान न होने के कारण फ्रंटलाइन कर्मचारी ड्यूटी से बच रहे थे। खांदरे ने रिपोर्ट लेने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उसकी समीक्षा की और इसके बाद संबंधित अधिकारियों के निलंबन की सिफारिश की और फिर डीसीएफ चक्रपाणि के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए है। बाघिन ने सेंचुरी के अंदर एक किसान की गाय को मा*र डाला था और कुछ दिनों बाद अपने चार शावकों के साथ श*व को खाने के लिए वापस लौटी थी।
किसान और दो अन्य लोगों ने श*व पर एक शक्तिशाली कीटनाशक (कीटों को नियंत्रित करने या मा*रने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रसायन) का छिड़काव किया था, जिसके कारण बाघिन और शावकों की मौ*त हो गई थी। गश्त की कमी तब साफ दिखाई दी जब मृ*त बाघिन और उसके शावकों के श*व दो दिन से ज्यादा समय तक एंटी-पोचिंग सेंटर से सिर्फ 800 मीटर की दूरी पर पड़े रहे।
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