स्थानीय विधायक दानिश अबरार ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर विधानसभा में विशेष सत्र बुलाकर नागरिकता संशोधन बिल को प्रदेश में लागू नहीं करने का आग्रह किया है।

अबरार ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव कर संशोधन 2019 किए जाने से देश में केंद्र सरकार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रर (एनआरसी) के उपरांत नागरिकता संशोधन अधिनियम में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान देशों से वैद्य-अवैध तरीके से भारत आए हैं, उन्हें जाति के आधार पर यहां की नागरिकता प्रदान की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा उक्त संशोधन किया जाना भारतीय संविधान की नींव को नष्ट करने के समान है। यह संशोधन बिल हमारी वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति के अनुरूप नहीं है। यह भारत के संविधान को खंडित करने का उद्देश्य है। इस बिल से संविधान की मूल भावना आर्टिकल 14 व 21 नागरिकों के समानता का अधिकार की महत्वता को कम किया गया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर साहब द्वारा धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा, परिवेश, नस्ल, रंग, रूप, लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता है। केंद्र सरकार के सहयोगी घटक दलों द्वारा भी इस बिल का खुले तौर पर विरोध किया है। इसलिए उक्त संशोधन अधिनियम 2019 को न्याय एवं शांतिं प्रिय राजस्थान राज्य में लागू नहीं किए जाने के लिए विधानसभा में विशेष सत्र बुलाया जाकर निर्णय पारित किया जाना चाहिए।
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