नई दिल्ली: हरियाणा में आईपीएस वाई पूरन कुमार की कथित आ*त्मह*त्या के मामले में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने दलितों का मुद्दा उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि जातीय प्रता*ड़ना से परेशान होकर हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आ*त्मह*त्या से पूरा देश स्तब्ध है। देश भर में दलितों के खिलाफ जिस तरह अन्याय, अत्या*चार और हिं*सा का सिलसिला चल रहा है, वह भयावह है।
उन्होंने रायबरेली में ‘दलित युवक की ह*त्या’ और भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई पर ह*मले का भी जिक्र किया है। प्रियंका गांधी ने कहा कि पहले रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि जी की ह*त्या, फिर मुख्य न्यायाधीश का अपमान और अब एक वरिष्ठ अधिकारी की आ*त्मह*त्या यह साबित करती है कि बीजेपी राज दलितों के लिए अ*भिशाप बन गया है। चाहे कोई आम नागरिक हो या ऊंचे पद पर हो, अगर वह दलित समाज से है तो अन्याय और अमानवीयता उसका पीछा नहीं छोड़ते। जब ऊंचे ओहदे पर बैठे दलितों का यह हाल है तो सोचिए आम दलित समाज किन हालात में जी रहा होगा।
मंगलवार को आईपीएस वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ स्थित अपने घर में मृ*त पाए गए थे। चंडीगढ़ एसएसपी कंवरदीप कौर ने बताया था कि यहां पर एक रिपोर्टेड सुसा*इड हुआ है और हमें एक डे*ड बॉ*डी मिली है। डे*ड बॉ*डी की पहचान वाई पूरन कुमार के रूप में हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर तैनात थे। गुरुवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वाई पूरन कुमार की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत कुमार से मुलाकात की थी। इस मामले में अमनीत कुमार ने सीएम सैनी को एक शिकायती पत्र भी लिखा था।
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