नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिवाली, भाईदूज और छठ पर अपने घर जाने वाले लोगों के लिए रेलवे की ओर से किए गए खास इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। रेलवे ने इन त्योहारों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन राहुल गांधी का दावा है कि ये ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, लोग ट्रेन के दरवाजों और छत तक पर लटक कर यात्रा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि त्योहार पर घर जाने की लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है।
उन्होंने लिखा है कि यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं। टिकट मिलना असंभव है और सफर अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200 फीसदी तक यात्री सवार हैं। लोग दरवाजों और छतों तक लटके हैं। फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं। कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जाते हैं। क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?
अगर राज्य में रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो उन्हें हजारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। वो सिर्फ मजबूर यात्री नहीं, एनडीए की धोखेबाज नीतियों और नीयत का जीता-जागता सबूत हैं। यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं.। रेल मंत्रालय के अनुसार अक्टूबर और नवंबर महीने में बिहार के लिए 2200 विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
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