सवाई माधोपुर जिले में चाइल्ड लाइन टीम द्वारा बालश्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे अभियान के तहत आज शनिवार को रेलवे स्टेशन पर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टीम ने आरपीएफ के साथ बैठक कर बालश्रम एवं बाल तस्करी की रोकथाम को लेकर गहन चर्चा की।
चाइल्ड लाइन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविन्द सिंह चौहान ने बताया कि बालश्रम के लिए बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए ट्रेन सबसे सहज माध्यम होता है बिहार, पश्चिम बंगाल और यूपी आदि राज्यों से बच्चों को चोरी छिपे राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों में ले जाकर बंधुवा बाल मजूदरी करवाई जाने की सूचनाएं मिलती रहती है। ऐसे में आरपीएफ, जीआरपी एवं रेलवे स्टाफ के साथ टीम ने विस्तृत चर्चा करते हुए बाल तस्कारी के मामलों की गहन जांच करवाने और ऐसे मामलों में नजर रखने की बात कही।
आरपीएफ इंचार्ज सन्तोष कुमार ने बताया कि आरपीएफ स्टाफ लगातार सवारी गाड़ियों में सतर्कता से कार्य करता है। अब विशेष ध्यान देकर ऐसे मामलों में नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही आरपीएफ लगातार यात्रियों को भी जागरुक करता रहता है।
बैठक में चाइल्ड लाइन कोर्डीनेटर हरिशंकर बबेरवाल, काउन्सलर लवली जैन, महिला टीम सदस्य मीना कुमारी एवं दशरथ बैरवा ने अकेली एवं लावारिस अवस्था में यात्रा करने वाली एवं स्टेशन परिसर में उपेक्षित अवस्था में पाए जाने वाली बालिकाओं को सुरक्षा के लिए रेस्क्यू करने की बात कही। ऐसी कोई भी जानकारी मिलने पर चाइल्ड लाइन टीम त्वरित सहयोग के लिए उपलब्ध रहेगी। बैठक में एसआई जयप्रकाश बघेल सहित कई आरपीएफ स्टाफ मौजूद रहे।