
रंग का अपने ही रंग में घुल जाना। पिन्टू मीणा पहाड़ी जी की इस शानदार तस्वीर को किसी कवर पर होना चाहिए। प्रियंका मीणा की पीली लुगड़ी पर ये चिड़िया आकर बैठ गई। इसे हिन्दी में महालत कहते हैं और मराठी में टकाचोर है। इसका नाम दिलचोर होना चाहिए। जो इनके संग रहता है वही इनके रंग का होता है। शहरी लोग होते तो आऊ आऊच या वाऊ बोलने में लग जाते और चिड़िया फुर्र हो जाती है। यह तस्वीर सवाई माधोपुर के टाइगर सेंचुरी में ली गई है। पिन्टू मीणा पहाड़ी राजस्थान कृषि विभाग में क्लर्क हैं। चाहते हैं कि उनकी ये तस्वीर फोटोग्राफरों की दुनिया में शुमार हो जाए। तो प्लीज़ आप वहां तक पहुंचा दें। कोई वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर है तो पिन्टू जी की मदद करें। प्रियंका मीणा वानिकी में बीएससी की छात्रा हैं।
इस तस्वीर का बग़ैर क्रेडिट कभी इस्तमाल न करें।
रवीश कुमार एनडीटीवी
Via – Ravish Kumar NDTV
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