जयपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आज हम ग्लोबल विजन और ग्लोबल इंपैक्ट पर काम करते हुए आत्मनिर्भर भारत के नए सफर पर चल चुके हैं। सरकार औद्योगिक प्रगति के लिए ‘होल ऑफ गवर्नमेंट एप्रोच’ पर समन्वित रूप से एक साथ काम करते हुए हर सेक्टर, हर फैक्टर को एक साथ बढ़ावा दे रही है। सबके प्रयास की इस भावना से ही हम सब मिलकर विकसित भारत और विकसित राजस्थान बनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जयपुर स्थित जेईसीसी में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के भव्य उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत आज रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर चलते हुए हर क्षेत्र में विकास कर रहा है, उसे लेकर दुनियाभर के निवेशकों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि आजादी के 7 दशक बाद भी भारत दुनिया की 11वीं इकोनोमी था। लेकिन बीते 10 वर्षों में हमने 11वीं से 5वीं सबसे बड़ी इकोनोमी बनने का सफर तय किया है। इस दौरान हमारी अर्थव्यवस्था का आकार, कुल निर्यात और एफडीआई भी करीब दोगुना हो गया है। उन्होंने कहा कि हमने बीते दस साल में आधारभूत ढांचे पर खर्च भी करीब 2 ट्रिलियन से बढ़ाकर 11 ट्रिलियन रुपए तक पहुंचा दिया है।
राजस्थान के विकास से देश को भी मिलेगी नई ऊंचाई:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्रफल के हिसाब से तो राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य है ही, राजस्थान के लोगों का दिल भी उतना ही बड़ा है। जब राजस्थान विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचेगा तो देश को भी नई ऊंचाई मिलेगी। यहां के लोगों का परिश्रम, ईमानदारी, कठिन से कठिन लक्ष्य को पाने की इच्छाशक्ति, राष्ट्र को सर्वाेपरि रखने की भावना राजस्थान की मिट्टी के कण-कण में समाई है।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जो सरकारें आई उन्होंने न तो देश के विकास को प्राथमिकता पर रखा और ना ही देश की विरासत का ध्यान रखा। लेकिन आज हमारी सरकार विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर चल रही है और इसका बहुत बड़ा लाभ राजस्थान को भी हो रहा है।
आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने में राजस्थान का अहम योगदान:
पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान, दिल्ली एवं मुंबई जैसे दो बड़े आर्थिक केन्द्रों और महाराष्ट्र व गुजरात के पोर्ट्स को उत्तर भारत से जोड़ता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा राजस्थान से गुजरता है। राजस्थान में जिंक, लेड, कॉपर, मार्बल, लाइमस्टोन, ग्रेनाइट, पोटाश जैसे खनिजों के बड़े भंडार हैं। इस दशक के अंत तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने में राजस्थान बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। इस तरह आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने में राजस्थान का अहम योगदान है।
राजस्थान दुनिया के चुनिंदा पर्यटन स्थलों में से एक:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के समृद्ध भविष्य में पर्यटन का बहुत बड़ी भूमिका होगी। केन्द्र सरकार ने अलग-अलग थीम सर्किट्स से जुड़ी कई योजनाएं भी शुरू की हैं, इन प्रयासों के कारण कोरोना के बावजूद भी बीते दस साल में भारत में 7 करोड़ से ज्यादा विदेश टूरिस्ट आए हैं। उन्होंने कहा कि टूर, ट्रेवल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की दृष्टि से राजस्थान दुनिया के चुनिंदा स्थानों में से एक है।
हेरिटेज टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म, इको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, बॉर्डर एरिया टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन की यहां बहुत अधिक संभावनाएं हैं। केन्द्र की उड़ान योजना, वंदे भारत, प्रसाद स्कीम,वाइब्रेंट विलेज जैसे कार्यक्रमों का राजस्थान को भी बहुत फायदा हो रहा है। लोग शादी-विवाह, जीवन के पलों को यादगार बनाने के लिए यहां आते हैं। ऐसे में ‘वेड इन इंडिया’ के आह्वान का फायदा भी राजस्थान को होना तय है।
इस अवसर पर राजस्थान के माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, केन्द्र एवं राज्य सरकार के मंत्रिगण, विभिन्न देशों के राजनयिक, देश-विदेश से पधारे प्रख्यात उद्योगपति एवं निवेशक, प्रवासी राजस्थानी, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।