सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर जब भी ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि चौपाल अथवा जन सुनवाई करने जाते हैं तो वे जाने से पहले से ही हलवा बनवाकर गाड़ी में साथ रख लेते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों के औचक निरीक्षण करने के दौरान नौनिहालों को अपने हाथों से हलवा खिलाते हैं।
जिला कलेक्टर के द्वारा नौनिहालों के लिए चलाई गई यह ‘पोषण मुहिम’ समाज के अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए भी प्रेरणादायक बन रही है। जिला कलेक्टर की इसमुहिम से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रभावशाली व्यक्ति भी नौनिहालों को पोष्टिक भोजन करवाने का संकल्प ले रहे हैं। इसी का परिणाम है कि मंगलवार को जिला कलेक्टर द्वारा भूरी पहाड़ी के दौरे के तहत आंगनबाड़ी के औचक निरिक्षण के दौरान वहां के सरपंच के ससुर ने भी इन बच्चों को हलवा खिलाने का संकल्प लिया है। कलेक्टर के आह्वान पर क्षेत्र के अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों ने सप्ताह में एक दिन क्षेत्र के आंगनबाड़ी में नौनिहालों को हलवा तथा अन्य पोष्टिक भोजन करवाने की बात कही।
कलेक्टर द्वारा खिलाये जा रहे पौष्टिक हलवे से नौनिहालों के चेहरों पर बिखरती मुस्कान इस अनूठी मुहिम को स्वतः ही सफल बना रही है।
सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर डॉ. एस.पी. सिंह नौनिहालों को अपने हाथ से ही परोस कर हलवा खिलाना पसंद करते हैं। इस बारे में डॉ. एस.पी. सिंह का कहना है कि देश के भविष्य इन नौनिहालों को ममता के साथ हलवा खिलाने से उन्हें काफी सुकून मिलता है। उन्हें लगता है कि नौनिहालों को इस उम्र में पौष्टिक भोजन करवाकर हम राष्ट्र के भविष्य को सशक्त बना सकते हैं। उनका कहना है कि जो बच्चे पौष्टिक भोजन से वंचित है उनको पोष्टिक भोजन करवाए जाने की सरकार की मुहिम के साथ हमारे व्यक्तिगत प्रयास ज्यादा सकारात्मक परिणाम लेकर आएंगें। उनका कहना है कि इसके लिए समाज के प्रभावशाली व्यक्ति भी अपना योगदान कर सकते हैं। क्योंकि वे सक्षम है और एक दिन इन नौनिहालों को अगर पौष्टिक भोजन करवाते हैं तो यह एक अनुपम कार्य होगा जो कि राष्ट्र के भविष्य को और मजबूत बनाएगा।
सवाई माधोपुर जिला कलेक्टर डॉ. एस.पी. सिंह की अब आंगनबाड़ी के अगले औचक निरीक्षण पर वहां के बच्चें कविता के रूप में कह सकते हैं कि:
नौनिहालों के लिए, हलवा लेकर आए कलेक्टर, है यह अनूठी बात,
खुश हो गए बच्चे हलवा खा कर, पौष्टिक मीठा इसका स्वाद।