भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा आम चुनावों में एमएमएस एवं बल्क मैसेज पर निगरानी रखी जाएगी। निहित स्वार्थ वाले व्यक्तियों द्वारा एसएमएस या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को प्रचार-प्रसार हेतु बल्क एसएमएस या वॉइस मैसेज को सक्षम स्तर से अधिप्रमाणन करवाना होगा तथा लागत को उम्मीदवार के चुनाव व्यय में जोड़ा जाएगा।
आदर्श आचार संहिता के तहत मतदान समाप्ति के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे के दौरान राजनीतिक प्रकृति के बल्क मैसेज का प्रसारण नहीं किया जाएगा।
Vikalp Times – Janta Ka Media विकल्प टाइम्स – जनता का मीडिया